कुदरत का कहर: मूसलाधार बारिश से चेन्नई में पानी – पानी, अब तक 12 की मौत

नई दिल्ली। तमिलनाडु के चेन्नई और आस-पास के जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। वहीं बताया जा रहा है कि चेन्नई में 12 दिन में हुई बारिश पूरे मानसून में उत्तर पूर्व में होने वाली बारिश का तीन चौथाई यानी 74% है।

तेज बारिश ने चेन्नई के मयलापुर, फोरशोर एस्टेट और तांब्रम, क्रोमपेट और पल्लवरम के दक्षिणी उपनगरों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि चेन्नई में 105 राहत शिविर लगाए गए हैं।

तमिलनाडु में बारिश की स्थिति से ठीक से न निपट पाने के लिये आलोचना झेल रहे मुख्यमंत्री के पलानीसामी ने उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कुछ इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ राहत शिविरों में मौजूद व्यक्तियों को खाने के पैकेट, धोती और साड़ी, चटाई और चादर बांटे।

साल 2015 की तरह डेंगू के खतरे के फिर से पनपने के खतरे के मद्देनजर अन्नाद्रमुक सरकार ने ऐसे खतरों के निराकरण के लिए तैयार रहने को कहा है। सरकार ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की तरफ ध्यान नहीं देने को कहा है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जलभराव की स्थिति से निपटने के प्रयास जारी हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में तमिलनाडु के उत्तर तटीय क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने और चेन्नई एवं उसके उपनगरों में आंधी आने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

वहीं, मद्रास उच्च न्यायालय ने चेन्नई निगम को शहर में जलजमाव रोकने और पानी निकालने के लिए उठाये गए विभिन्न कदमों के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट दायर करने का आज निर्देश दिया। अदालत ने इसके साथ ही संबंधित प्राधिकारियों को जलाशयों एवं नहरों पर अनधिकृत अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई तीन महीने के भीतर तेज करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने इसके साथ ही जल निकासी व्यवस्था बाधित करने वाले अनधिकृत निर्माणों को हटाने का भी निर्देश दिया।