CM ममता ने की शांति की अपील, कहा- वार्ता के लिए हूं तैयार

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज दार्जीलिंग हिल्स के राजनीतिक दलों से शांति के पथ पर लौटने और बातचीत के लिए सरकार के साथ बैठने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार पर्वतीय पार्टियों से वार्ता के लिए तैयार है लेकिन शांति की पहल करनी होगी। ममता ने कहा कि यदि अगले 10-15 दिनों में शांति कायम हो जाती है तो मैं पर्वतीय क्षेत्र की पार्टियों को वार्ता के लिए बुला सकती हूं। लेकिन पहले हमें शांति बहाल करने दीजिए।

दार्जीलिंग मामले में सहयोग नहीं कर रहा केंद्र
उन्होंने कहा कि दार्जीलिंग में स्कूल कालेज बंद हैं। लोगों को पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक चीजें नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्वतीय पार्टियों के नेता सिक्किम और नेपाल से अपने सामान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय इलाके के लोगों को भोजन भेजेगी। उन्होंने केंद्र पर इस विषय में जानबूझ कर और पूरी तरह से असहयोग करने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि सीआरपीएफ कर्मियों को भेजने से इसका इनकार करना दार्जीलिंग की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार है जहां गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है।

कश्मीर की तरह दार्जिलिंग में भी हिंसा चाहती है भाजपा
ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार ने कश्मीर में समस्या पैदा की और अब पर्वतीय क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। केंद्र को अवश्य ही सहयोग करना चाहिए। राजनीति और शासन अलग चीजें हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे केंद्र के कुछ फैसले कुछ और नहीं बल्कि बड़े भ्रष्टाचार हैं।

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