हिमाचल विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ मतदान, 74.98% हुई वोटिंग

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सभी 68 सीटों के लिए वीरवार सुबह 8 बजे से जारी मतदान 5 बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। राज्य मुख्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार हिमाचल में 74.98 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है।

वीरवार को हुए चुनावों के अंतर्गत चम्बा जिला में 74, हमीरपुर में 69.50, शिमला में 72.5, सोलन में 77.44, मंडी में 75, कांगड़ा में 72, कुल्लू में 77.9, सिरमौर में 82, लाहौल-स्पीति में 73.4, बिलासपुर में 75, ऊना में 76 व किनौर में 75 प्रतिशत मतदान हुआ है। बता दें कि वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनावों में 73.51 फीसदी मतदान हुआ था लेकिन इस बार करीब एक प्रतिशत ज्यादा मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचे हैं।

चुनाव के लिए 7521 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 50 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए 83 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील और 39 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था। कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 297 और किन्नौर जिले में सबसे कम दो मतदान केंद्र अतिसंवदेनशील घोषित किए थे।

चंबा जिले में 601, कांगड़ा जिले में 1559, लाहौल स्पीति जिले में 3, कुल्लू जिले में 520, मंडी जिले में 1092, हमीरपुर जिले में 525, उना जिले में 50, बिलासपुर जिले में 394, सोलन जिले में 538, सिरमोर जिले में 540, शिमला जिले में 1029 और किन्नौर जिले में 125 मतदान केंद्र बनाए गए थे। एक प्रत्याशी के निधन के बाद अब चुनाव में 337 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 19 महिलाएं शामिल हैं। राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 50,25,941 हैं, जिनमें 25,68,761 पुरुष मतदाता और 24,57,166 महिला मतदाता एवं 14 किन्नर मतदाता हैं।

भाजपा और कांग्रेस ने सभी 68 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बहुजन समाज पार्टी ने 42, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 14, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने तीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने दो- दो सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं। इसके अलावा 112 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कुछ अन्य पंजीकृत दलों ने 27 उम्मीदवार उतारे हैं। इस चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के साथ 11 हजार 50 वीवीपैट का भी इस्तेमाल हो रहा है।

राज्य में सर्वाधिक 12 उम्मीदवार धर्मशाला सीट से अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं जबकि सबसे कम दो उम्मीदवार झंटुता (सुरक्षित) सीट से हैं। मंडी सीट से सर्वाधिक दो महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र लाहुल स्पीति है लेकिन वहां सबसे कम मतदाता हैं जबकि मतदाताओं की दृष्टि से सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र सुल्ला है। केवल झंडुता सुरक्षित सीट पर ही सीधी टक्कर है बाकी सीटों पर त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबला है। कांग्रेस मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। दूसरी तरफ भाजपा ने घोषणा की है कि पार्टी को बहुमत प्राप्त होने पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

 

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