UP के 5 वायुमार्गों को मिली मंजूरी, जल्द आगरा-जयपुर सेवा की शुरूआत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई नागर विमानन प्रोत्साहन नीति से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे जहां व्यापार करने में सुविधा होगी। वहीं एयर कनेक्टिविटी की व्यवस्था होने से बड़े पैमाने पर पर्यटन का विकास भी होगा ।

उन्होंने कहा कि इस नीति में राजधानी लखनऊ को अन्य राज्यों की राजधानियों से जोड़ने के साथ ही लखनऊ को उत्तर प्रदेश के मंडल मुख्यालयों से वायु सेवा के माध्यम से जोड़ने को प्राथमिकता दी गई है।

क्षेत्रीय सम्पर्क योजना पर उन्होंने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि इस योजना के तहत प्रदेश के बड़े नगरों में हवाई अड्डे की सुविधा विस्तार में समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

बता दें कि वर्तमान में केन्द्र सरकार द्वारा छोटे-छोटे नगरों को वायुसेवा से जोड़ने के लिए क्षेत्रीय सम्पर्क योजना (आरसीएस) चलाई जा रही है।मुख्यमंत्री बुधवार को नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत अब तक की गई प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे।

सीएम योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा प्रदेश के एक या दो स्थानों के विकास के लिए ही राज्य की जनता का पूरा संसाधन लगा दिया।

उन्होंने इस दौरान जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए कार्य तेज करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे अथाॅरिटी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने के लिए कन्सल्टेंट की चयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए।

मीटिंग में सीएम को अफसरों ने बताया कि प्रदेश के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 5 वायु मार्गों को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत आगरा, कानपुर, इलाहाबाद के लिए की गई बिडिंग में सफलता भी मिल चुकी है।

वहीं प्रदेश सरकार अपने स्तर से लखनऊ को देहरादून, भोपाल, पटना तथा जयपुर से एयर कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ने में सफल हुई है। इसी प्रकार वाराणसी-जयपुर के बीच उड़ान की शुरुआत हो चुकी है, जबकि इस साल 15 दिसम्बर से आगरा-जयपुर के लिए वायु सेवा की शुरुआत प्रस्तावित है।

इसके अलावा वाराणसी से शारजाह की साप्ताहिक हवाई सेवा को अब दैनिक सेवा कर दिया गया है। इसी तरह वाराणसी से कोलम्बो के बीच हवाई सेवा शुरू हो गई है, जबकि वाराणसी से दिल्ली के मध्य एक फ्लाइट की वृद्धि की जा चुकी है।

राज्य सरकार द्वारा जिन 10 हवाई पट्टियों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उनमें 8 प्रदेश सरकार के और बाकी 2 सहारनपुर एवं झांसी रक्षा मंत्रालय के नियंत्रणाधीन हैं। आगरा, कानपुर चकेरी, बरेली, ललितपुर, झांसी, फैजाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, चित्रकूट आदि नगरों में आवश्यक भूमि का अधिकांश भाग उपलब्ध कराया जा चुका है।

 

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