पुणे विश्‍वविद्यालय का तुगलकी फरमान, मांसाहारी छात्रों को नहीं मिलेगा गोल्ड मैडल

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे की एक यूनिवर्सिटी ने अजाबो गरीब फैसला लिया है। इस फैसले में लिखा गया है कि जो छात्रों मांसाहारी हैं, उन्हें गोल्ड मेडल नहीं दिया जाएगा।

पुणे के सावित्रीबाई फुले विश्‍वविद्यालय के सर्कुलर के अनुसार 10 ऐसी शर्तें तय की गई हैं जो महर्षि कीर्तंकर शेलार मामा गोल्‍ड मेडल के लिए छात्र की पात्रता तय करेंगे।

गोल्ड मेडल पाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जो शर्त रखी है उसमें से एक में ये साफ तौर पर कहा गया है कि मेडल की पात्रता के लिए केवल शाकाहारी और नशा न करने वाले छात्र ही अप्लाई कर सकते हैं।

शर्त में यह भी कहा गया है कि छात्र 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की पढ़ाई में पहले स्थान या दूसरे स्थान के साथ पास होना चाहिए। इतना ही नहीं विज्ञप्ति में बताया गया है कि ध्यान और योगा करने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

जब इस सर्कुलर की खबर पुणे यूनिवर्सिटी के बाहर फैल गई और छात्रों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया। तब विश्वविद्यालय ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि ये निर्देश व शर्तें पुणे यूनिवर्सिटी की ओर से नहीं है। इन शर्तों को मेडल देने वाले स्पॉन्सर ने रखी है।

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