लश्कर गैंग में चला गया था ये कश्मीरी फुटबॉलर, दोस्तों की निवेदन पर किया सरेंडर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुए कश्मीरी फुटबॉलर ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया है। कश्मीर के उभरते हुए फुटबॉलर माजिद खान (20) ने कुछ महीने पहले खेल छोड़ बंदूक थाम ली थी। उसके परिवार और दोस्तों ने उससे वापस लौट आने की निवेदन की थी। पुलिस के मुताबिक, वो लश्कर-ए-तैय्यबा में भर्ती हो गया था।

माजिद इरशाद खान दक्षिण कश्मीर का रहने वाला है। परिवार के मुताबिक, वह बचपन से पढ़ाई और खेलकूद में काफी आगे था। 10वीं और 12वीं की परीक्षा में भी उसके काफी अच्छे मार्क्स आए। उसे फुटबॉल खेलना काफी पसंद था। नौवीं क्लास में वह अनंतनाग के क्रिकेट और फुटबॉल क्लब का हिस्सा बन गया था। उसे टीम का बेहतरीन गोलकीपर माना जाता था।

एके 47 के साथ माजिद की फोटो हुई थी वायरल
परिवार वालों को बेटे के आतंकवादी बनने की जानकारी सोशल मीडिया से ही हुई। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही थी, जिसमें माजिद एके 47 के साथ दिखा। परिवार का कहना है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया, जिसकी वजह से उसने ये कदम उठाया।

ऐसे बना आतंकवादी
बताया जा रहा है कि माजिद अपने एक दोस्त की वजह से आतंकवादी बना। माजिद का दोस्त यावर निसार जुलाई में एक आतंकवादी गुट से जुड़ गया था। एक महीने बाद ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया। माजिद अपने दोस्त के मौत से इतना दुखी हुआ कि उसने भी आतंकवादी गुट जॉइन कर लिया।आतंकवादी बनने के लिए गायब होने से पहले माजिद ने खुद को समाज से दूर कर लिया था। वो किसी से भी बात करना पसंद नहीं करता था।

दोस्तों ने फेसबुक पर की थी लौट आने की गुजारिश
माजिद के दोस्तों ने सोशल मीडिया पर उससे लौट आने की गुजारिश की थी। उसके एक दोस्त ने फेसबुक पर लिखा- ‘आज मैंने तुम्हारी मां और अब्बू को देखा। वो बुरी तरह से टूट चुके हैं। प्लीज लौट आओ। इस तरह अपने मां-बाप को मत छोड़ो। प्लीज वापस आ जाओ। तुम अपने मां-बाप की इकलौती उम्मीद हो। वो तुमसे बिछड़ना नहीं सह पाएंगे। जब मैंने उन्हें देखा तब वो रो रहे थे। प्लीज माजिद उनके लिए लौट आओ। हम सब तुम्हें बहुत प्यार करते हैं।’ऐसा माना जा रहा है कि माजिद ने अपने परिवार और दोस्तों की गुजारिश मानते हुए शुक्रवार को सरेंडर किया है।

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