विधायक भास्कर का निशाना, कहा- मायावती का आनन्द को बसपा उपाध्यक्ष बनाना गलत कदम

भदोही। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य और भाजपा के मौजूदा विधायक दीनानाथ भास्कर ने पार्टी अध्यक्ष मायावती द्वारा अपने भाई आनन्द कुमार को पार्टी उपाध्यक्ष बनाए जाने को गलत कदम करार दिया है।

भास्कर ने बातचीत में मायावती द्वारा अपने भाई आनंद को पार्टी उपाध्यक्ष बनाये जाने के बारे में कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने अपने किसी भी शिष्य को अपनी विरासत नहीं सौंपी थी, जबकि कांशीराम ने बाबा साहेब के विचारों के उलट अपनी विरासत मायावती को दे दी थी।

उन्होंने कहा कि मायावती बाबा साहब से बड़ी नहीं हैं और उनका अपने भाई को राजनीतिक विरासत सौंपना बिल्कुल गलत है। बसपा के संस्थापक सदस्य और औराई से भाजपा के वर्तमान विधायक भास्कर ने कहा कि मायावती कह रही हैं कि बसपा को अब ऐसा नेतृत्व चाहिए जो ना झुके और ना बिके, तो खुद मायावती ने भाजपा से मिलकर 3 बार सरकार बनाई, वह क्या था? यह खुद मायावती ही बता सकती हैं।

मालूम हो कि मायावती ने वीरवार लखनऊ में बसपा पदाधिकारियों की बैठक में कहा था कि जबर्दस्त मिशनरी सोच वाली पार्टी तथा बसपा आंदोलन को जिस जुझारू, संघर्षशील, परिपक्व तथा किसी भी दबाव में ना झुकने और ना बिकने वाले नेतृत्व की आगे जरूरत होगी, वह अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। इसी मजबूरी के कारण पार्टी हित में आनन्द कुमार को पार्टी के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मायावती ने पार्टी पर लग रहे भाई भतीजावाद के आरोपों को गलत करार देते हुए कहा था कि बसपा पूरी तरह से अम्बेडकरवादी सोच की पार्टी है तथा समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस आदि की तरह परिवारवादी पार्टी नहीं है और ना ही कभी बन सकती है।

 

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