12 वर्षीय प्रग्गानंधा के शानदार प्रदर्शन से विश्व शतरंज में खलबली!

इटली । 61 देशो के 237 दिग्गज जूनियर खिलाड़ियों के बीच चल रही विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में भारत के छोटे उस्ताद 12 वर्षीय प्रग्गानंधा के शानदार प्रदर्शन से विश्व शतरंज में खलबली मच गयी है । 20वर्ष की उम्र के दिग्गज चुनिन्दा प्रतिभावान खिलाड़ियों के बीच होने वाली इस विश्व चैंपियनशिप नें दुनिया को कई बार भविष्य के विश्व चैम्पियन दिये है ।

विश्वनाथन आनंद भी इसी प्रतियोगिता से दुनिया भर में छा गए थे । खैर बात करते है भारत के इस नन्हें सितारे प्रग्गानंधा की जिन्होने पिछले राउंड में टॉप सीड नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट को पराजित करते हुए सबको चौंकाया था तो आज उन्होने भारत के इस टूर्नामेंट में शीर्ष खिलाड़ी सुनील नारायनन को पराजित करते हुए सभी को सकते में डाल दिया ।

राय लोपेज ओपनिंग में हुए इस मुक़ाबले में प्रग्गानंधा काले मोहरो से खेल रहे थे और 12 वी चाल तक दोनों तरफ से समान्यतः खेली जाने वाली चाले देखने को मिली तभी अपने राजा की तरफ से प्रग्गानंधा नें थोड़ा स्थान बनाने अपने घोड़े को आज़ाद करने और सुनील के ऊंट को पीछे भेजने के उद्देश्य प्यादा बढ़ा पर यहाँ नारायनन नें आक्रामक होते हुए दो प्यादो के बदले अपना घोडा कुर्बान कर दिया पर इसके बाद अगर किसी की मुश्किले बढ़ी तो वह थे नारायनन क्यूंकी प्रग्गानंधा नें इसके बाद अपने शानदार बचाव की क्षमता का जो परिचय दिया वह उनकी उम्र से कंही बेहतर था और उन्होने 52 चालों तक चले इस खेल में शानदार जीत दर्ज की ।

इस जीत के साथ ही अब वह 4.5 अंको के साथ भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे और टूर्नामेंट में सयुंक्त दूसरे स्थान पहुँच गए है । अन्य खिलाड़ियों में अरविंद चितांबरम नें आज अपनी लगातार चौंथी जीत के साथ 4 अंको के साथ सयुंक्त तीसरा स्थान हासिल कर लिया है उन्होने मेजबान इटली के पीर बासो को हार का स्वाद चखाया । अन्य खिलाड़ियों में मुरली कार्तिकेयन ,शार्दूल गागरे 3.5 अंको पर ,सुनील नारायनन ,वैभव सूरी ,सिद्धान्त मोहपात्रा ,नूबेरशाह ,कुमार गौरव ,कृष्णा तेजा 3 अंको पर खेल रहे है ।

बालिका वर्ग में भारत की आकांक्षा हागवाने नें अपने प्रदर्शन से एक नया रोमांच पैदा किया है उन्होने आज अजरबैजान की शीर्ष खिलाड़ी और चौंथी सीड माममजदा गुनय को पराजित करते हुए 4 अंक के साथ सयुंक्त दूसरा स्थान हासिल कर लिया है । शीर्ष भारतीय महिला खिलाड़ी आर वैशाली 3.5 अंक पर तो अर्पिता मुखर्जी ,प्रत्युशा बोदा ,प्रणाली धारिया 2 ,प्रियांका के ,लस्या जी ,एम महालक्ष्मी 2.5 अंको पर खेल रही है।

क्या प्रग्गानंधा सबको पीछे छोड़ देंगे – वैसे तो विश्व चैंपियनशिप में काफी मुक़ाबले बाकी पर अगर प्रग्गानंधा इस तरह खेले और यह प्रतियोगिता जीत गए तो वह इतिहास के सबसे कम उम्र के ग्रांड मास्टर और विश्व जूनियर चैम्पियन बनने का दोहरा इतिहास बना सकते है । हालांकि वह भविष्य के बड़े खिलाड़ी है इसमें किसी को कोई शंका नहीं है !

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