ट्रंप का उत्तर कोरिया के खिलाफ बड़ी सख्ती, लिया यह फैसला

वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाऊस कैबिनेट की बैठक शुरु करते ही सनकी किंग के खिलाफ सबसे सख्त फैसला लेते उत्तर कोरिया को आतंकवाद का प्रायोजक घोषित किया।

इसके साथ ही प्योंगयांग द्वारा हथियारों के निर्माण जारी रखने को लेकर उस पर नए प्रतिबंध और आर्थिक दंड लगाने की भी घोषणा की गई है।

ट्रंप ने कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया को चरमपंथ का समर्थन (स्पॉन्सर ऑफ टेररिज़्म) करने वाले देशों की सूची में दोबारा शामिल कर रहा है। करीब 9 साल पहले उत्तर कोरिया का नाम इस लिस्ट से हटा दिया गया था।

इस फ़ैसले का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा, “ये फैसला काफी पहले कर दिया जाना चाहिए था।”ट्रंप ने कहा कि इस कदम के बाद उत्तर कोरिया पर ‘बड़े पैमाने’ पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे जिनका ऐलान मंगलवार को किया जाएगा। ट्रंप ने उत्तर कोरिया को इस सूची में शामिल करने के लिए उसके परमाणु कार्यक्रम और ‘अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर चरमपंथ की कार्रवाई’ के समर्थन को ज़िम्मेदार बताया।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को अनदेखा करते हुए परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम जारी रखा हुआ है। इसी साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाए थे। प्रतिबंध का मसौदा अमरीका ने तैयार किया था जिसे चीन और रूस समेत सभी 15 सदस्यों ने मंजूरी दी।

इन प्रतिबंधों के जरिए उत्तर कोरिया के आय के स्रोत बंद करने की कोशिश की गई। इसके तहत उत्तर कोरिया से कपड़े के निर्यात, तय सीमा तक कच्चे तेल के आयात और विदेश में मौजूद किम जोंग उन की संपत्ति को फ्रीज़ किया गया था।

इससे पहले उत्तर कोरिया ने अपना छठा परमाणु परीक्षण किया और मिसाइल लांच करना जारी रखा। ट्रंप की ताज़ा घोषणा के बाद अब उत्तर कोरिया उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्हें लगातार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चरमपंथ को समर्थन देने वाला देश माना जाता है।

ईरान, सूडान और सीरिया भी इस सूची में शामिल हैं।साल 2008 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन ने उत्तर कोरिया को इस सूची से हटा लिया था। इस दौरान उत्तर कोरिया के साथ परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर बात हो रही थी।

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