साइबर सम्मेलन में बोले PM, जनधन-आधार और मोबाइल से कम हुआ भ्रष्‍टाचार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज साइबर सुरक्षा को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए गोपनीयता और पारदर्शिता के बीच संतुलन को जरूरी बताया। मोदी ने यहां साइबर सुरक्षा पर आयोजित पांचवें वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर कहा कि साइबर हमले प्रजातांत्रिक दुनिया के लिए आज बड़ा खतरा बन गया है।

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा हमारी जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए। हम गोपनीयता और पारदर्शिता तथा डिजिटल एवं सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं। पारदर्शिता और निजता के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर ढूंढने की जरूरत है।

PM @narendramodi awarding the winners of cyber peace hackathon at the inauguration ceremony of 5th Global Conference on Cyber Space (#GCCS2017) at Aerocity, New Delhi pic.twitter.com/oS5cZZv91N
— PIB India (@PIB_India) November 23, 2017

प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश में लोगों के जीवन शैली में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इंटरनेट का स्वभाव समावेशी है। हम इस सम्मेलन के जरिये वैश्विक प्रक्रियाओं और नवाचारों से सीखने की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने कहा कि जब हम साथ मिलकर बढ़ते हैं तभी वास्तविक विकास होता है। भारत में सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में काफी प्रतिभाएं है और मैं आप सब को इनमें निवेश के लिए आमंत्रित करता हूं।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने उमंग मोबाइल एप भी लॉन्च किया जिसके जरिए लोग केंद्र तथा राज्य सरकारों की एक सौ सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने दो इंडिया और एक कैफी टेबल पुस्तक का भी लोकार्पण किया।

सम्मेलन को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद तथा श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंधे ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं तथा यह शुक्रवार तक चलेगा।

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