जाट नेता मलिक की रैली को लेकर रोहतक में धारा 144 लागू

झज्जर । रोहतक के जसिया गांव में जाट नेता यशपाल मलिक के नेतृत्व में होने वाली आरक्षण संघर्ष समिति के रैली स्थल पर विवाद के चलते प्रदेश भर में अलर्ट घोषित किया गया है। झज्जर जिले को अति संवेदनशील मानते हुए अौर सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर शिकंजा करने एवं जिले भर में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।

जिले में धारा 144 लागू
इसके साथ ही पूरे जिले में धारा 144 भी लगाई गई है। यह रोक अगले दो दिन तक जारी रहेगी। अब झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी और बादली में एक साथ 4 से ज्यादा लोगों के इक्टठे होने पर पाबंदी लगाई गई है। साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार जैसे पिस्तोल, तलवार, चाकू, बर्छे, फर्से आदि साथ लेकर घूमने पर रोक है। यहां तक की कृषि के लिए उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों जैसे जेली, कुल्हाडी और गंडासा, कस्सी लेकर घूमने पर भी पाबंदी लगाई गई है।

धारा 144 का उल्लंघन पर 188 के तहत होगी कार्रवाई
धारा 144 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं। झज्जर जिले में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।

प्रशासन अलर्ट
जिला उपायुक्त सोनल व जिला पुलिस अधिक्षक सतीश बालन बैठक पर बैठक कर रहे हैं। झज्जर एसएसपी बी सतीश बालन ने पुलिस जवानों को रैली की आड में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के आदेश जारी किए हैं। जिले में प्रवेश करने वाले ही वाहन की बारीकि से जांच की जा रही है। इतना ही नहीं संवेदनशील मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। हर वाहन पर तीसरी आंख की नजर रहेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई जातीय हिंसा में झज्जर शहर में सबसे ज्यादा जानी नुकसान हुआ था। उसी से सबक लेते हुए इस बार जिला प्रशासन कहीं भी कोई चूक नही छोड़ना चाहता है। झज्जर प्रशासन के लिए ये रैली चुनौती से कम नहीं है।

 

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