उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव एग्जिट पोल : 16 में से 15 सीटों पर खिल रहा कमल

लखनऊ। अगर एग्जिट पोल की मानें तो उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों में बीजेपी शानदार जीत हासिल कर सकती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद यूपी की सत्तारूढ़ बीजेपी निकाय चुनावों में भी दूसरी पार्टियों का सूपड़ा साफ कर सकती है। एबीपी न्यूज़ और सी वोटर के एग्जिट पोल में बीजेपी वाराणसी, अयोध्या, मेरठ, मुरादाबाद और गोरखपुर सहित 16 में 15 शहरों में मेयर पद पर कब्ज़ा जमाने जा रही है।

अगर एग्जिट पोल के निष्कर्ष सही निकलते हैं तो इसका मतलब ये होगा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इसी साल की शुरुआत में विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद फिर उसी हाल में पहुंचने जा रही हैं।

सर्वे के मुताबिक कोई भी राजनीतिक पार्टी बीजेपी को कड़ा मुकाबला देने में नाकाम रही है। केवल फिरोज़ाबाद नगर निगम में ही बीजेपी को दूसरे स्थान से संतुष्ट होना पड़ सकता है, जहां 30 फीसदी वोटों के साथ मेयर की कुर्सी समाजवादी पार्टी के पास जाने की उम्मीद है।एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 12 नगर निगमों में 40 फीसदी से अधिक वोट शेयर हासिल होंगे।

उत्तर प्रदेश में नगर निगम चुनावों के तीसरे और अंतिम चरण में बुधवार को मतदान हुए। इन चुनावों में भाजपा की ओर से राज्य इकाई प्रमुख महेंद्र नाथ पांडे के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पार्टी के स्टार प्रचारक रहे। ये चुूनाव सात महीने पुरानी योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए पहली परीक्षा भी माने जा रहे हैं।

महिलाओं के लिए आरक्षित लखनऊ मेयर सीट पर 40 फीसदी वोट शेयर के साथ बीजेपी के दोबारा काबिज़ होने की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी को 27 फीसदी और बीएसपी को 13 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद है।

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 45 फीसदी वोटों के साथ बीजेपी की मृदुला जायसवाल मेयर पद पर काबिज़ हो सकती हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में यही तस्वीर बनती दिख रही है, जहां मेयर पद पर 46 फीसदी वोट शेयर के साथ बीजेपी जीत की ओर बढ़ रही है।

अयोध्या, जहां से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया, वहां लोगों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किए। यहां से बीजेपी को 48 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद है।कानपुर और इलाहाबाद नगर निगमों में बीजेपी अपने प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से काफी बेहतर स्थिति में लग रही है।

2012 के शहरी निकाय चुनावों में 14 नगर निगमों में 12 में बीजेपी के मेयर थे। केवल इलाहाबाद और रामपुर में विपक्षी पार्टियों से मेयर थे। 2012 में राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। ये बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी।

आदित्यनाथ सरकार के आने के बाद अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में नगरपालिका निगम गठित किए गए। मथुरा में बीजेपी के 50 फीसदी वोट शेयर के साथ जीतने की उम्मीद है। एग्जिट पोल के मुताबिक बरेली और आगरा में भी बीजेपी को ही जीत मिलनी चाहिए।

गाज़ियाबाद में बीजेपी को करीब 50 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद है।फिरोज़ाबाद में हालात ज़रा अलग हैं। ये इकलौती जगह है जहां समाजवादी पार्टी, बीजेपी को पछाड़कर आगे चल रही है।

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