योगी सरकार का पहले बजट सत्र में हंगामा होने की उम्मीद

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के कल शुरू हो रहे पहले बजट सत्र में योगी सरकार के साढे 3 महीने के कार्यकाल एवं प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर हंगामापूर्ण होने की उम्मीद है।

प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल विधानसभा में कल दोपहर 12. 30 बजे वर्ष 2017-18 के लिए पहला बजट पेश करेगे। भाजपा सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान ‘संकल्प पत्र’ में की गई घोषणाओं को पूरा करने के लिए लगभग 4 लाख करोड़ रूपए का बजट पेश करेगी।

जानकारी के अनुसार सरकार घोषणा पत्र में की गई अनेक जनहित की योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए इस बजट के जरिए पूरा करने की कोशिश करेगी।

बजट में किसानों को सुविधाएं औेर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए धन की व्यवस्था किए जाने की उम्मीद की जा रही हैे। इस बजट में किसानों को ऋण माफी, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, पेंशन बढोत्तरी तथा विकास योजनओं के लिए धन की व्यवस्था करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

विधानसभा का बजट सत्र पहले ही 4 माह देर से शुरू हो रहा है। भाजपा सरकार का विधानसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल है लेकिन विधान परिषद में सरकार अल्पमत में है जो सरकार के लिए समस्या बनी है।

बजट सत्र में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) प्रदेश में कानून व्यवस्था तथा साइकिल ट्रैको के ध्वस्तीकरण को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। बहुजन समाज पार्टी(बसपा) और काग्रेस दलितों पर हो रहे अत्याचार तथा अन्य मुद्दों पर सरकार के साथ के 2-2 हाथ करने को तैयार है।

एजेंडे के अनुसार बजट सत्र 28 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान कुल 14 बैठकें होंगी जिसमें वर्ष 2017-18 का बजट पास किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार का पहला सत्र पिछले मई में हुआ था इसके बाद कल से फिर शुरू हो रहा है।

विधानसभा में नेता विरोधी दल के राज गोविन्द चौधरी ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार अपने 90 दिनों के कार्यकाल के दौरान पूर्णतया विफल रही है। जनता से किए वायदों को पूरा नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। सपा सरकार द्वारा चलाई गई जनहित विकास योजनाओं का सिर्फ नाम बदला जा रहा है।

भाजपा सरकार के पास जनहित की कोई योजनाएं नहीं है। उन्होंने कहा कि साइकिलों ट्रैकों को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सड़कों और बिजली की हालत खराब है। बसपा नेता लालजी वर्मा ने कहा है कि सरकार भगवाकरण के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है।

गाय और शैल्टर हाऊस के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सरकार सभी सवालों का जवाब देने को तैयार है। विरोधी दलों की जिम्मेदारी भी है कि सदन शान्तिपूर्ण चले। सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।

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