डेरा सच्चा सौदा के पैरोकार की हत्या करने वाले 2 बदमाश गिरफ्तार

चंडीगढ। पंजाब पुलिस ने राज्य में एक आतंकवादी गिरोह का सफाया करके मामले को सुलझा दिया है जिसमें डेरा सच्चा सौदा के एक पैरोकार और वर्ष 2016 में राजस्थान में एक विवादपूर्ण धार्मिक उपदेशक के मारे जाने का मामला शामिल है।

आज यहां सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने एक ताजा कार्रवाई दौरान मंगलवार को अंतर्राज्यीय आतंकवादी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। नवांशहर, फिरोजपुर और कपूरथला जिलों की पुलिस द्वारा खुफिया तालमेल के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

आतंकियों के पास से हुए हथियार बरामद
प्रवक्ता के अनुसार गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गांव कोहाला, पुलिस थाना मल्लांवाला जिला फिरोजपुर से और 25 वर्षीय अवतार सिंह उर्फ पम्मा निवासी कोहाला को गांव भाणोलंगा पुलिस थाना सदर कपूरथला से गिरफ्तार किया गया है।

प्रवक्ता के अनुसार जांच दौरान पता चला है कि ये दोनों आतंकी डेरा सच्चा सौदा के पैरोकार 31 वर्षीय गुरदेव सिंह गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला जिला फरीदकोट की पिछले वर्ष 13 जून को की गई हत्या में शामिल थे। ये दोनों बाबा लक्खा सिंह उर्फ लखविंद्र सिंह उर्फ पाखंडी बाबा की 23 नवम्बर 2016 को राजस्थान के हनुमानगढ़ में हुई हत्या में भी शामिल थे।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए इन आतंकवादियों में से एक के पास से 12 बोर की राइफल और 32 बोर का रिवॉल्वर बरामद किया है। इन हत्याओं में शामिल अन्य संदिग्ध अशोक कुमार वोहरा उर्फ अमना सेठ (26) गांव कोहाला अंधेरे का फायदा उठाकर बच कर निकलने में कामयाब रहा।

पंजाब की शांति भंग करने की थी योजना
प्रारंभिक जांच दौरान पता चला है कि और भी विभिन्न लोग इस गिरोह के निशाने पर थे जिन पर हमला करने की इनके द्वारा योजना बनाई गई थी ताकि पंजाब की शांति भंग की जा सके।

इसी दौरान यह भी खुलासा हुआ कि दोनों का एक अन्य साथी जिसकी पहचान जसवंत सिंह काला वासी गांव सोनेवाला पुलिस थाना सदर, श्री मुक्तसर साहिब के रूप में हुई, भी इस गिरोह का एक मुख्य सदस्य था जो हत्याओं के लिए जिम्मेवार है।

पुलिस अब अशोक सहित उसकी भी खोज कर रही है। जिला फिरोजपुर और कपूरथला में आतंकवादी गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध गैर-कानूनी सरगर्मियां नियंत्रण एक्ट, असला एक्ट और भारतीय दंडावली की विभिन्न संबंधित धाराओं के तहत 2 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।

 

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