फिर दार्जिलिंग में हिंसा, रेलवे स्टेशन, जीटीए दफ्तर आग के हवाले

पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग हिल्स में लगातार 29 दिन से जारी बेमियादी बंद के बीच गोरखालैंड टेरीटोरियल प्रशासन (जीटीए) के दफ्तर, एक रेलवे स्टेशन और जंगल में बने एक बंगले को आग के हवाले कर दिया गया जबकि कई गाडिय़ों को नुकसान पहुंचाया गया।

हिल्स में हिंसा और आगजनी के बीच दार्जिलिंग, कलिंपोंग और सोनादा में थलसेना की तीन टुकडिय़ां तैनात की गई हैं। अद्र्धसैनिक और पुलिस बलों ने सड़कों पर गश्त की और कड़ी चौकसी बरती।

सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नेपाली भाषा के जानेमाने कवि भानु भक्त आचार्य की कविता का पाठ करते हुए रंगारंग रैलियां निकालीं और उन्होंने अपने हाथों में अलग गोरखालैंड राज्य के समर्थन वाली तख्तियां भी ले रखी थीं।

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) और हिल्स की अन्य पार्टियों ने आज भानु भक्त आचार्य की जयंती भी मनाई। हिल्स में लगातार 26 दिन से इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। दवा की दुकानें छोड़कर बाकी सारी दुकानें और दफ्तर बंद हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दार्जिलिंग के मॉल रोड के चौरास्ता स्थित जीटीए के यात्रा एवं पर्यटन कार्यालय को गोरखालैंड समर्थकों ने आज सुबह आग के हवाले कर दिया। कल रात दार्जिलिंग स्टेशन के पास कुछ अज्ञात लोगों ने कई सरकारी गाडयिों को भी नुकसान पहुंचाया।

कर्सियांग के गयाबारी इलाके में आज सुबह एक रेलवे स्टेशन को भी गोरखालैंड समर्थकों ने आग लगा दी। तीस्ता नदी के पास के जंगल में बने एक बंगले को भी आज आग लगा दी गई।

इस बीच, गोरखालैंड आंदोलन समन्वय समिति (जीएमसीसी) के आह्वान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए एक लेखक और एक गायक ने राज्य सरकार की आेर से उन्हें दिए गए अवॉर्ड वापस कर दिए।

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