12 साल की उम्र में यह युवक बना ऐसे महाराजा

जयपुर। राजघराने की राजकुमारी दिया कुमारी के बेटे और जयपुर के सबसे युवा राजा पद्मनाभ सिंह 12 जुलाई को 19 साल के हो गए हैं। 18 साल के उम्र में पद्मनाभ सिंह का इंडियन पोलो टीम में सिलेक्शन हुआ था। वे वल्र्ड कप मैच में भारत को रिप्रेसेंट करने वाले सबसे यंगेस्ट पोलो प्लेयर हैं।

जयपुर के पूर्व महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह के निधन के बाद 2011 में उनके वारिस के तौर पर महज 12 साल की उम्र में पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ था। 18 साल की उम्र पाने के साथ ही सभी मामलों में उत्तराधिकारी होने के कानूनी अधिकार मिलेंगे। साथ ही भवानी सिंह के नाम से जुड़ी सभी अदालती कार्रवाइयां पद्मनाभ सिंह के नाम से लड़ी जाएंगी।

पद्मनाभ सिंह की यह मंशा है कि पढ़ाई के बाद वे राजनीति में आकर देश की सेवा करेंगे, क्योंकि लोग राजपरिवार की तरफ उम्मीदों से देखते हैं। आजादी के बाद रजवाड़ों को खत्म कर दिया गया, पर अब भी पूर्व राज परिवारों में राजतिलक कर उत्तराधिकार हस्तांतरित किया जाता है। जयपुर राजघराने के पास अरबों की संपत्ति है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजपरिवार की कई संपत्तियों पर वर्ष 1992 से रिसीवर नियुक्त कर रखा है। तब से अब तक इन पर कोई फैसला नहीं हो पाया है।

भवानी सिंह के पिता सवाई मानसिंह द्वितीय की जो भी संपत्ति थी, मानसिंह के बाद भवानी सिंह उसके उत्तराधिकारी बने। तब से वर्ष 1986 तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा, उसके बाद संपूर्ण संपत्ति के बंटवारे को लेकर पूर्व राजमाता गायत्री देवी, भवानी सिंह के भाई जयसिंह, पृथ्वी सिंह और जगतसिंह एक ओर आ गए। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में संपत्ति बंटवारे का दावा कर दिया। तब से अब तक राजपरिवार की काफी संपत्तियों पर केस चल रहे हैं।

 

loading...