माताओं के लिए डिलीवरी के बाद जड़ी-बूटियां ज़रूरी

लखनऊ : डिलीवरी के बाद, अपने बच्चे की देखभाल के साथ, यह भी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी भी अच्छी तरह से देखभाल करें, क्योंकि आपका शरीर भी कमजोर और दुर्बल हो जाता है। प्राकृतिक तत्वों में यह गुण होते हैं कि वह बच्चे के जन्म के बाद आपके शरीर और त्वचा को मुलायम और ताजगीभरा बनाये रखने में मदद करते हैं। हिमालया ड्रग कंपनी की आयुर्वेद एक्सपर्ट, आरएंडडी, डॉ. प्रतिभा एस. बैबशेट ने कहा, ‘‘आयुर्वेद जड़ी-बूटियों और तेलों का प्रयोग करने की सलाह देता है, ताकि उससे प्रसव के बाद मां के शरीर को स्वस्थ और सुरक्षित रहने में मदद मिल सके।’’

डॉ. प्रतिभा कंट्री मैलो (बाला), निर्गुण्डी, अश्वगंधा, भारतीय मजीठ, एलोवेरा जैसी जड़ी-बूटियों को इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं। इनसे नई मां के शरीर को सुरक्षा देने में मदद मिलती है और मातृत्व का यह सफर खुशनुमा और आरामदायक हो जाता है। साथ ही नारियल का तेल, बादाम का तेल और तिल का तेल त्वचा को ठंडक पहुंचाते हैं और सूखी त्वचा को रिपेयर करते हैं। डॉ. प्रतिभा कहती हैं, ‘‘ऐसे प्रोडक्ट देखें, जो खासतौर से मांओं के लिये बने हों और साथ ही नई मां को राहत पहुंचाने वाले हों। इन जडी-बूटियों से दर्द को दूर करने में मदद मिलती है और रैशेज के ठीक होने की प्रक्रिया तेज होती है।

अत्यधिक सूखापन और खुजली से राहत पाने के लिये आप बॉडी बटर का प्रयोग कर सकती हैं। सुगंधित मसाज ऑयल से हल्के हाथों से मसाज करने से सूजन वाले हिस्सों में आराम मिलता है और आपको ज्यादा राहत महसूस होती है। गर्भावस्था के दौरान महिला का शरीर कई सारे बदलावों से गुजरता है और आपके शरीर को अत्यधिक देखभाल की जरूरत होती है। साथ ही आप जो प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें लेकर भी सावधानी बरतें। डॉ. प्रतिभा कहती हैं, ‘‘गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोनल बदलावों के कारण, आपकी त्वचा और ज्यादा संवेदनशील हो सकती है, जिसकी वजह से कई बार त्वचा संबंधी परेशानियां पैदा होती हैं। आप अपने शरीर पर क्या लगा रहे हैं, उसके लिये आपको सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि यह आपके बच्चे को भी प्रभावित कर सकता है।’’ इसलिये, गर्भावस्था संबंधी त्वचा की परेशानियों से बचने के लिये, अपने रीजिम में सही स्किन केयर प्रोडक्ट का चुनाव करें।

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