महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलकर ही मिलेगी विश्व एकता की मंजिल -रीता बहुगुणा जोशी

प्रभात फेरी निकाल सीएमएस शिक्षकों ने दिया बापू के सपनों को साकार करने का संदेश

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के लगभग तीन हजार शिक्षक/शिक्षिकाओं व कार्यकर्ताओं ने आज ‘गाँधी जयन्ती एवं अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की पूर्व संध्या पर ‘प्रभात फेरी’ निकालकर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों को आत्मसात करने एवं उनके सपनों को साकार करने का अभूतपूर्व उत्साह जगाया। प्रभात फेरी की अगुवाई कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने की। इस विशाल प्रभात फेरी में सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गांधी व डा. भारती गाँधी, सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन, सी.एम.एस. के डायरेक्टर ऑफ स्ट्रेटजी रोशन गाँधी समेत विभिन्न कैम्पस की प्रधानाचार्याओं एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों ने शामिल होकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का अलख जगाया। ‘जय जगत’ एवं ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश लिखे दुग्ध धवल सफेद खादी वस्त्रों में सुसज्जित सी.एम.एस. शिक्षकों का यह विशाल ‘अहिंसा मार्च’ देखने लायक था। सी.एम.एस. शिक्षकों की यह प्रभात फेरी गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित मकदूमपुर पुलिस चौकी से सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) ऑडिटोरियम तक निकाली गई।

सी.एम.एस. शिक्षकों की ‘प्रभात फेरी’ सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) ऑडिटोरियम में पहुँचकर एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गई, जहाँ सी.एम.एस. शिक्षकों ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्मदिवस मनाया। इस अवसर पर सी.एम.एस. शिक्षकों ने रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा एकता, शान्ति, सत्य, अहिंसा के विचारों को विश्व के कोने-कोने में प्रवाहित करने का आह्वान किया। इससे पहले, मुख्य अतिथि रीता बहुगुणा जोशी ने दीप प्रज्वलन कर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर श्रीमती जोशी ने एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा व अन्य शख्सियतों के व्यक्तित्व व कृतित्व को चित्रित किया गया था। श्रीमती जोशी ने सी.एम.एस. के फिल्म्स एवं रेडियो डिवीजन के तत्वावधान में ‘सूचना एवं प्रसारण तकनीक मेला (आई.बी. टेक फेयर)’ का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि महात्मा गाँधी के आदर्शो पर चलकर ही विश्व एकता की मंजिल मिलेगी। अहिंसा का रास्ता कांटों से भरा है परन्तु इस रास्ते पर चलकर संसार का भला हो सकता है। महात्मा गाँधी सकारात्मकता में विश्वास करते थे और सकारात्मकता से ही सफलता मिलती है। सच्चाई, कार्य की पवित्रता एवं दृढ़ निश्चय, यही सफलता के सूत्र हैं। सी.एम.एस. की प्रशंसा करते हुए श्रीमती जोशी ने कहा कि सी.एम.एस. राष्ट्रपिता के विचारों को लगातार आगे बढ़ा रहा है और आने वाली पीढ़ियों में अच्छे विचार भर रहा है और यही वक्त की जरूरत है।  गाँधी जयन्ती एवं अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य समारोह में सी.एम.एस. शिक्षकों ने विश्व एकता व विश्व शान्ति का संदेश देते अनेक शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अहिंसा की भावना को सारे विश्व में प्रवाहित प्रचारित किया। समारोह की शुरुआत गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत ‘वन्दे मातरम्’ एवं ‘स्कूल प्रार्थना’ से हुई। इसके उपरान्त सी.एम.एस. के विभिन्न कैम्पस के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सर्व-धर्म एवं विश्व शान्ति प्रार्थना, संगीत शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत बापू के सुमधुर भजनों, नृत्य नाटिका, कव्वाली एवं कोरियोग्राफी की प्रस्तुतियों ने अभूतपूर्व समां बाँधा एवं सम्पूर्ण ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

समारोह में बोलते हुए सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि ईश्वर ने महात्मा गाँधी को संसार में एक विशेष मसीहा के रूप में भेजा था। आज जरूरत है कि हम आने वाली पीढ़ियों को बाल्यावस्था से ही एकता व शान्ति के विचार दें, ताकि बड़े होकर ये बच्चे शान्ति दूत के रूप में विश्व मानवता का कल्याण करें। डा. गाँधी ने आगे कहा कि इस ‘प्रभात फेरी’ के माध्यम से एकता का संदेश जो पूरे विश्व में प्रसारित हुआ है, उसकी गूँज संसार के सभी शिक्षाविदों, विद्वानों, न्यायविदों व राष्ट्राध्यक्षों तक अवश्य पहुँचेगी और सम्पूर्ण मानवता को अपने कर्तव्यों प्रति झकझोर कर रख देगी। सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, सी.एम.एस. प्रधानाचार्याओं, शिक्षकों व कार्यकर्ताओं का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि महात्मा गाँधी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और सदैव रहेंगी। समारोह के अन्त में विद्यालय की संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी ने कार्यक्रम के अत्यन्त सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा का आज के परिप्रेक्ष्य में विशेष महत्व है क्योंकि इसी के माध्यम से भावी पीढ़ी का चरित्र निर्माण संभव है।

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