भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति : बैठकों का दौर तो चला लेकिन उम्मीदवार पर फैसला टला

यूपी कोर ग्रुप के साथ आज बैठक करेंगे शाह

नई दिल्ली : शनिवार को शाम को यह तय माना जा रहा था कि पहले व दूसरे चरण के चुनाव के भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा चुनाव की समिति की बैठक तो हुई यूपी पर फैसला 18 मार्च तक टल गया। फैसला और खिंचने से पश्चिमी यूपी की सीटों के संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गयीं। माना जा रहा है कि कुछ सांसदों के नामों पर पेंच फंसने से सूची पर अभी और मंथन होगा। तब तक इंतजार करना होगा। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपनी पहली बैठक में बिहार, उत्तराखंड,महाराष्ट्र समेत दस बड़े राज्यों की लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की। इसके पहले भाजपा नेतृत्व ने सुबह बिहार के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ जद (यू) के साथ सीटों के बंटवारे में सीटों को चिन्हित करने का काम पूरा किया और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की।

भाजपा मुख्यालय में शाम साढ़े बजे शुरू हुई बैठक में सबसे पहले पूर्वोत्तर के राज्यों को लिया गया। कम सीटें होने से इन राज्यों को पहले लिया गया है। इन राज्यों में शुरुआती चरणों में चुनाव होने हैं। इसके बाद बिहार, उत्तराखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व ओडिशा की सीटों पर विचार किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय चुनाव समिति के सभी सदस्यों के साथ संबंधित राज्यों व उनके चुनाव से जुड़े प्रमुख नेता मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने इसके पहले सुबह बिहार की सीटों व उम्मीदवारों को लेकर लंबी चर्चा की। बिहार के कोर ग्रुप के साथ बैठक में पार्टी ने जद (यू) के साथ तालमेल में मिली सीटों और उनके लिए भावी उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की। विभिन्न सर्वे व सामाजिक समीकरणों को देखते हुए बिहार में कई मौजूदा सांसदों के टिकट कटने के आसार हैं।

उत्तराखंड व असम में भी एक तिहाई सांसदों को बदला जा सकता है। कुछ नेता इस बार दूसरी सीटों से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में कई सीटों व सांसदों को लेकर पार्टी अभी भी प्रदेश के नेताओं के साथ चर्चा कर रही है। इलाहाबाद के सांसद श्यामाचरण गुप्ता के सपा में जाने व बांदा से चुनाव लड़ने के कारण भाजपा नेताओं ने इन दोनों सीटों पर फिर से विचार किया है। उत्तर प्रदेश के नामों पर 18 मार्च को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की दूसरी बैठक में विचार होगा। इसके पहले 17 मार्च को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। वहां पर भी कई सासंदों को बदले जाने व कुछ नेताओं को दूसरे राज्यों से टिकट देने के मुद्दों पर विचार चल रहा है।

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