आयुष्मान भारत योजना में बाराबंकी सूबे में अव्वल

बाराबंकी : केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना स्थानीय जनपद में पूरी तरह से फलीभूत होती नजर आ रही है । बाराबंकी ने इस योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अव्वल स्थान हासिल किया है। प्रदेश के सभी जिला महिला चिकित्सालयों में किये गए इलाज के आधार पर रेटिंग में जिला महिला चिकित्सालय बाराबंकी शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। यह जानकारी डा रमेश चंद्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी ने दी। इस उपलब्धि पर सीएमओं नेहिन्द, मेंवो, आस्था एव विशेष रूप से जिला महिला चिकित्सालय को शीर्ष स्थान प्राप्त करने एवं अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए धन्यबाद देते हुए सभी को शुभकामनाएं ज्ञापित किया।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना के रूप में साबित हो रही है। इसका शुभारंभ 23 सितंबर 2018 को झारखंड की राजधानी रांची से प्रधानमंत्री ने शुरूआत की थी। इस योजना में आबादी के आधार पर सर्वाधिक लाभार्थी उत्तर प्रदेश में लगभग 6 करोड़ परिवार है। इस राज्य में लगभग 1800 से अधिक अस्पताल अब तक योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। यूपी के सभी जिलों के महिला एवं पुरूष चिकित्सालय योजना अंर्तगत सूचीबद्ध है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा चन्द्र ने आगे बताया कि हिन्द अस्पताल प्रदेश के शीर्ष 10 अस्पतालों में अपना नाम दर्ज करवाया है । जिला में सूचीबद्ध 14 अस्पतालों में से 7 अस्पताल इस समय सक्रिय अस्पताल की श्रेणी में आ गए हैं। जबकि पहले इनकी संख्या 5 थी। जनपद में अब तक योजना के तहत लगभग 2 करोड़ तक का इलाज लाभार्थियों को प्राप्त हो चुका है। प्री अथराइजेशन में हिंद अस्पताल 13 वें स्थान पर है। वहीं योजना में लगभग 1736 लाभार्थियों को क्लेम मिलने से मेयो अस्पताल शीर्ष 50 के स्थान में शामिल है । आगे बताया कि आस्था अस्पताल में जिले का पहला घुटना प्रत्यारोपण इस योजना के अंतर्गत किया गया। जिले के लगभग 600 मरीजों ने प्रदेश के अन्य जिलों में इलाज प्राप्त किया है। जिसमें से एक ने एम्स दिल्ली और 1 ने एम्स देहरादून में भी इलाज प्राप्त किया है ।

इसके साथ ही अब तक 260 मरीज अन्य जिलों से आकर बाराबंकी के विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज प्राप्त कर चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत अब तक जनपद में लगभग 35 हजार 790 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं अब तक 1937 मरीजों का उपचार योजना के अंतर्गत किया गया है। वहीं जब इस उपलब्धि की जानकारी जिला महिला चिकित्सालय डा आभा आशुतोष को दी गई। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए इसका श्रेय अपने सहयोगियों को देते हुए बताया कि इसमें जिला क्रियान्यवन ईकाई (DIU) टीम का महात्वपूर्ण योगदान है। उनके द्वारा अस्पताल लगभग 85 मरीजों को 4 लाख रूपया तक का इलाज कर चुका है। प्राप्त धनिराशि का स्टेट हेल्थ एजेंसी एसएचए के अनुसार 25 प्रतिशत इंसेंटिव को अपने सहायकों में वितरित कर दिया गया है । जो कि उनके अभिप्रेरणा में एक बड़ा योगदान साबित हुआ है। शेष धनराशि से उन्होंने अस्पताल में वाटर कूलर, कूलर, यसएनसीयू में बच्चों के लिए एयर प्यूरीफायर, सेनेटरी पैड, वेंडिंग मशीन आदि लगाया गया है ।

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