बाराबंकी : गैर संचारी रोगों की पहचान करेंगी आशा, सिखाये गये रोगों के रोकथाम के गुर

बाराबंकी । गैर संचारी रोगों के रोकथाम के लिए शुक्रवार को ब्लाक फतेहपुर और आरएसघाट के सबसेन्टर में  आशा कार्यकर्ताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम  नोडल अधिकारी डा महेन्द्र सिंह के देखरेख में प्रारम्भ हुआ। उक्त जानकारी देते हुए डीसीपीएम सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में सबसेन्टर मऊ, इसरौली  एवं सिहाली के 28 बैच की आशा कार्यकर्ताओं को गैर संचारी रोगों के रोकथाम के बारे में प्रशिक्षकों द्वारा  विभिन्न जानकारी देते हुए गुर सिखाये गए। 

कार्यक्रम में डीसीपीएम ने कहा कि अधिकांश लोंगो को गैर संचारी रोगों की पहचान नहीं हो पाती है। रोगों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आशा अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे परिवारों का चयन करेंगी, जिनमें 30 वर्ष या उससे ऊपर आयु वर्ग के महिला और पुरुष रहते हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर आशा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर  इनकी जाँच कराएंगी। जाँच  में ऐसे रोगी जो गैर संचारी रोग से ग्रसित पाए जाएंगे उनका नि:शुल्क उपचार शुरू होगा।

कार्यक्रम के दौरान गैर संचारी रोगों के बारे में बताते हुए प्रशिक्षक स्वाती सिंह, रीता वर्मा, राम तेज द्वारा  बताया गया कि सामान्य भाषा में ऐसा रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में  नही फैलता है गैर संचारी रोग कहलाता है। ऐसे गैर संचारी पांच रोगों की रोकथाम के लिए आशाएं काम करेंगी। इन रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर शामिल है। ये सभी रोग खान-पान तथा रहन सहन के स्तर पर निर्धारित होते हैं।

प्रशिक्षण शिविर में  रामसनेही घाट के सबसेन्टर मऊ की आशा अंजना तिवारी, नीलम वर्मा, मीरा देवी, शिव कुमारी, फतेहपुर के सबसेन्टर इसरौली की आशा गीता देवी, संगीता देवी, चंद्रावती, साबित्री देवी समेंत सिहाली सबसेन्टर फतेहपुर की नीलम सीवी, पूनम, शकुन्तला, बिना और एनी सहित इन सबसेन्टरों से अन्य आशा कार्यकर्त्ता मौजूद रहीं।

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