बाराबंकी : CMO ने की होम बेस्ड केयर फार यंग चाइल्ड कार्यक्रम की शुरुआत

बाराबंकी ( 10/06/219) । मातृ-शिशु मत्यु दर में कमी लाने के लिए एचबीवाईसी कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा रमेश चंद्रा की अध्यक्षता में आरसीएच सभागार में शुभारम्भ हुआ । इस दौरान एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रशिक्षकों ने प्रतिभाग किया ।  कार्यक्रम के तहत जल्द आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान  सीएमओ डा चंद्रा ने बताया कि  शासन ने होम बेस्ड केयर फार यंग चाइल्ड कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।  इस कार्यक्रम के तहत मातृ-शिशु मत्यु दर में कमी लाने के लिए आशा कार्यकर्ता अब 15 महीने तक शिशुओं व प्रसूता की देखभाल करेंगी। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को ब्लाक स्तरीय चिकित्साधिकारियों, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों व बीसीपीएम द्वारा जल्द प्रशिक्षण देकर कार्यक्रम को सफल बनाया जायेगा।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा महेन्द्र सिंह ने बताया कि गृह आधारित भ्रमण के तहत माड्यूल छह व सात का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी आशा कार्यकर्ता पूर्व से ही नवजात शिशुओं की देखभाल करती रही हैं। इसके तहत अभी तक उन्हें 42 दिनों तक नवजात शिशुओं के घर भ्रमण करना होता है। वे जच्चा-बच्चा के सेहत के बारे में फीड बैक प्राप्त कर रिपोर्ट देती रही हैं। इस दौरान आशा कार्यकर्ता नवजात का तापमान लेने के साथ ही सांसों की गणना और वजन दर्ज करतीं हैं। साथ ही परिवार को परामर्श भी देती रहीं हैं। इसका अच्छा रिस्पांस मिला है। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। ऐसे में सरकार ने इसमें और सुधार के लिए इसका दायरा बढ़ा दिया है। इसके तहत अब आशा कार्यकर्ता नवजात शिशुओं व प्रसूता के घर 15 महीने तक भ्रमण करेंगी। आशा कार्यकर्ता इस दौरान 11 बार नवजात शिशु व प्रसूता के घर जाएंगी और उनकी देखभाल करेंगी। इसके लिए उन्हें अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत आशाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए अभी पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है। इसके लिए चार स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षक नामित किया गया है। यह प्रशिक्षक विभिन्न ब्लाकों के तैनात चिकित्साधिकारियों, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों व बीसीपीएम को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह लोग ब्लॉकवार आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाएंगे, ताकि कार्यक्रम को पूर्ण रूप से सफल बनाया जा सके।

जिला सामुदायिक प्रोसेस मैनेजर सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि शिशु व मातृ मृत्यु दर कम करने को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे दिया जाएगा।

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