Barabanki : एनीमिया से बचाने की मुहिम, दूसरे दिन किशोरियों के स्वास्थ्य की हुई जांच

बाराबंकी । किशोरियों में एनीमिया की दर को कम करने लिए पूरे प्रदेश में  शुरू किए गए अभियान के तहत आज दूसरे दिन मंगलवार को स्थानीय जनपद के 353 एएनएम सब सेंटरों में कैंप लगाए गए। इस दौरान एएनएम, आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने डोर टू डोर किशोरियों को बुलाकर उनकी स्वास्थ्य संबंधी कौंसिलिंग की । कैंपों में 11 से 14 साल की स्कूल न जाने वाली और स्कूल जाने वाली किशोरियों के हीमोग्लोबिन, वजन और ऊंचाई की जांच की गई । जांच में जो भी किशोरियां एनीमिया से ग्रस्त मिली, मौके पर उनको आयरन की गीली दी गई, साथ ही उनकों उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि पोषण माह के अंतर्गत बाल विकास विभाग द्वारा 8 जुलाई को वृहद स्तर पर  जिले के 353 एएनएम सब सेंटरों पर किशोरी दिवस का आयोजन किया गया ।  11 से 14 साल की सुबह के सत्र में स्कूल न जाने वाली किशोरियों और शाम के सत्र में स्कूल जाने वाली किशोरियों को जागरूक किया गया । कार्यक्रम के दौरान किशोरियों का सबसे पहले वजन और उनके ऊंचाई का नाप लिया गया। साथ ही  किशोरियों  को आयरन की टेबलट के सेवन  से लाभ और  हांनि के बारे जानकारी दी गई । बताया गया कि आयरन की गोली नीबू जूस के साथ  सेवन करने की बात कही गई, जबकि वही उनको इस टेबलेट  को दूध, चाय से न लाने की सलाह दी गई। उनको भोजन में मेथी, पालक, बेथूवा, गुड़, सरसो  अंकुरित दाल, हरी पत्तेदार सब्जी की मात्रा बढ़ाने की जानकारी दी गई। वहीं प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ  में पनीर एवं दही इत्यादि नियमित लेने की विस्तार से जानकारी दी गई।

काउंसलिंग करने के साथ ही सुझाव

सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा ने बताया कि आज इन सेंटरों पर 11 साल से 14 साल की किशोरियों का वजन, लंबाई के साथ ही खून की जांच भी की गई। साथ ही इन्हें आयरन की गोलियां भी दी गई। उन्होंने बताया कि जिन किशोरियों को अब तक टीटी का इंजेक्शन नहीं लगा था उन्हें टीटी का इंजेक्शन भी लगाया गया। साथ ही उन्हें बताया गया कि खाना खाने के 1 घंटे के बाद आयरन की गोलियां लेनी है। लेकिन इस दौरान उन्हें इस बात का ध्यान रखना है कि यह गोलियां दूध और चाय के साथ ही दूध सेबने किसी भी सामान के साथ नहीं लेनी है।

एनीमिया की रोकथाम हेतु आंगनबाड़ी संगिता सिंह ने किशोरियों को खानपान संबंधी ध्यान रखने योग्य बातें बताते हुये कहा कि आयरन की टेबलेट के साथ दूध या चाय न ली जाए क्योंकि इससे शरीर में लौह तत्व का अवशोषण कम हो जाता है। भोजन में मेथी, पालक, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ाई जाए क्योंकि इसमें लौह तत्व की मात्रा अधिक होती है। अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाना चाहिए।

प्रदेश में 53.7 प्रतिशत किशोरियां एनीमिया से ग्रसित

किशोरियों में खून की कमी यानि एनीमिया एक प्रमुख जनसमस्या है। उत्तर प्रदेश में विभिन्न आयु वर्गों में एनीमिया एक गंभीर समस्या बनी हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य पर्यवेक्षण 2015-16 (एनएफएचएस – 4) के अनुसार 15 से 14 साल की प्रदेश में 53.7 फीसदी किशोरियां एनीमिया से ग्रसित हैं। किशोरावस्था के दौरान होने वाली तीव्र शारीरिक वृद्धि तथा माहवारी के दौरान अधिक रक्त स्राव के कारण, किशोरियों में एनीमिया तथा उससे जुड़ी कमजोरी की अधिक सम्भावनाएं रहती हैं।

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