विश्व जनसंख्या दिवस : परिवार नियोजन के साधन अपनाकर जनसंख्या वृद्धि रोकने की अपील

बाराबंकी। विश्व जनसंख्या दिवस पर बृहस्पतिवार की सुबह स्कूली छात्र एवं छात्राओं व चिकित्सा विभाग से जुडे कार्मिकों द्वारा जनजगरूकता  रैली निकाली गई। रैली को मुख्य चिकित्साधिकारी डा रमेश चंद्र ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया । यह रैली केडी सिंह बाबू  स्टेडियम से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई नगर पालिका परिषद पर गोष्ठी के रूप में परिवर्तित हुई । रैली के बाद संगोष्ठी का उदघाट्न करते हुए स्थानीय सदर विधायक शरद अवस्थी ने दीप प्रज्जवलित किया । इस अवसर पर  जिलाधिकारी डा आदर्श सिंह, मुख्य विकास अधिकारी समेंत स्वास्थ्य विभाग की अधिकारियों ने विश्व जनसंख्या दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। विश्व जनसंख्या दिवस पखवाडा 11 पखवाडा से 24 जुलाई तक मनाया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री अवस्थी ने परिवार नियोजन की अवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि महिलाएं अब परिवार नियोजन के प्रति सजग  हो रही है,  वे अब छाटा परिवार चाहती हैं। उन्होंने स्वंम सेवी संस्थाओं को परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रचार – प्रसार भी उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहाकि स्वंम सेवी संस्थाएं एवं सहायता समूह परिवार कल्याण के विभिन्न साधनों को अपनाने में अधिक प्रभावी तथा सहायक हो सकती हैं।

जिलाधिकारी  डा आदर्श सिंह ने उपस्थित लोगों को परिवार नियोजन के साधनों को अपनाकर हेतु स्वंय जागरूक होते हुए अपने परिचितों, मित्रों तथा समुदाय में परिवार कल्याण कार्यक्रम पर चर्चा करने का अपील  किया । परिवार नियोजन को लेकर अभी तक महिला-पुरुष नसबंदी जैसी अस्थाई विधियां लोकप्रिय थी, लेकिन अब बदलते समय के साथ गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम, अंतरा इजेक्शन, छाया गोलियां आदि अस्थाई विधियों की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपने संबोधन में विश्व जनसंख्या दिवस पर विस्तृत चर्चा करते हुए विभाग द्वारा परिवार नियोजन के संबंध में प्रदान की जा रही सेवाएं जैसे  कण्डोंम, अंतरा, छाया, कॉपर टी के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। अन्होंने विभाग की ओर से अच्छे कार्य का आश्वासन दिया । उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो वर्षों में स्थाई विकल्प महिला और पुरुष नसबंदी के आंकड़ों में बढ़त देखने को मिली है। वही नवीन गर्भनिरोधक अंतरा व छाया दूसरे अस्थाई साधनों की तुलना में अधिक अपनाए जा रहे हैं।

वहीं गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी मेधा रूपम ने अपने संबोधन में परिवार कल्याण के लक्ष्यों की पूर्ति में आने वाली समस्याओं तथा आम जनमानस में उपजी भ्रांतियों पर चर्चा करते हुए बेटे एवं बेटी को समान दृष्टि से देखने का अपील की। उन्होंने कम आयु में किए जाने वाले विवाह तथा जल्दी-जल्दी संतानोत्पत्ति पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए उपस्थित लोगोँ से इसके प्रति सावधानी बरतते  हुए जागरूक होने का आह्वान किया ।

रैली के नेतृत्व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (परिवार कल्याण कार्यक्रम ) डाक्टर आर सी वर्मा ने की । उन्होंने बताया कि आज से शुरू हुए जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा  की अवधि में ग्राम पंचायत स्तर पर सास बहू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा ।  जिसमें परिवार की बहुओं को परिवार नियोजन के प्ररित करने वाली सास को चैंपियन सास के रूप में चिन्हित कर पुरस्कृत किया जाएगा । सरकार की नीतियों के अनुरूप नवदंपत्तियों को नई पहल किट प्रदान की जाएगी, जिसमें परिवार नियोजन संसाधन उपलब्ध होंगे तथा इसकी विधियों की सारी सूचना उपलब्ध होगी

कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता आशीष पाठक ने किया गया । आयोजन जुबैर अंसारी जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ मनोज कुमार जिला समन्वयक द्वारा सक्रिय योगदान दिया गया इस अवसर पर फाइलेरिया निरीक्षक केके गुप्ता, आर्टिस्ट संजय श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक निखिल श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहें। साथ ही इस अवसर पर विभिन्न विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।

नसबंदी से ये मिलता है लाभ

परिवार नियोजन अपने वाले लोगों के लिये सरकार की ओर से प्रयास किये जा रहे है। पुरूष नसबंदी के लिये लाभार्थी को 3 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। महिला नसबंदी के लिये लाभार्थियों को दो हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं प्रसव के पश्चात नसबंदी के लिये महिला लाभार्थी को 3 हजार रूपये दिये जाते है। अस्थायी विधियों में प्रसव पश्चात आईयूसीडी एवं गर्भपात उपरांत आईयूसीडी जिसका सरल भाषा में कॉपर -टी कहा जाता है के लिये लाभार्थी को 300 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है ।

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