Barabank : दस्तक के बाद संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर जन जागरूकता तेज

बाराबंकी। स्थानीय जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई 2019 तक के लिए सक्रिय रूप से गतिमान है । कार्यक्रम में दस्तक के बाद अब इस अभियान के तहत लोगों को संचारी रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार आदि के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 1 दर्जन से अधिक सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रियता है। एंटी लार्वा का छिड़काव सभी वार्डो में हो गया है, साथ ही मलिन बस्तियों एवं गंदगी वाले जगहों पर में सीएचसी पर उपलब्ध स्प्रे का छिड़काव जरूरत के अनुसार किया जा रहा है। इसके  लिए पूर्व में ही ग्राम प्रधानों और सभी निजी और सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य की बैठक कर इस अभियान के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए चर्चा की जा चुकी है।

उक्त जानकारी देते हुए नोडल डा आरसी वर्मा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (नगर) ने बताया कि यह अभियान जनपद में सुचारु रूप से चलाया जा रहा है।  इस अभियान के तहत संचारी रोग एवं वेक्टर जनित रोग पर नियंत्रण के लिए जन जागरूकता के माध्यम से  उनमें व्यवहार परिवर्तन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए सरकारी विभाग के साथ अन्य अंतर्विभागीय प्रयास की सक्रियता जारी है। अभियान को सफल बनाने के लिए इन विभागों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित किया गया है। इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर निगम, जल निगम, ग्राम्य विकास विभाग, पशु पालन विभाग, कृषि एवं सिचाई विभाग, मतस्य पालन, स्वच्छता मिशन, सिचाई विगाग, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग अन्य को शामिल किया गया । स्वास्थ्य विभाग को नोडल बना कर सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारी भी सौप दी गयी है, जिसमें वेक्टर नियंत्रण, साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जल जमाव रोक, शुद्ध पेयजल आपूर्ति एवं विद्यालयों में संवेदीकरण तथा जनसंवाद द्वारा जागरूकता उत्पन्न करने इत्यादि गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है , ताकि जनसमुदाय बीमारियों के प्रति जागरूक हो सकें।

उन्होने बताया कि संचारी रोग अभियान के तहत  स्कूलों में शिक्षकों द्वारा स्कूली बच्चों  को शपथ  दिलाकर अपने आसपास साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही विद्यालय में अध्यापकों द्वारा प्रार्थना सभा के समय छात्र-छात्राओं को साफ-सफाई का महत्व, मच्छरों से बचने के उपाय, हर रविवार-मच्छर पर वार आदि विषयों की जानकारी दी जा रही है। संचारी रोगों का उपचार करने से ज्यादा जरूरी है कि संचारी रोगों की रोकथाम करते हुये उनसे अपना बचाव कर लिया जाए। इसके साथ ही जनपद में स्कूली बच्चों  द्वारा रैली निकालकर लोगों को संचारी रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार आदि के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

सीएमओ डा रमेश चंद्र ने बताया कि संचारी रोगों से बचाव एवं रोकथाम हेतु यह अत्यन्त आवश्यक है कि जनसहभागिता के माध्यम से जनपद में साफ-सफाई, मच्छरों की निरोधात्मक कार्रवाई, जल जमाव को रोकने की रणनीति तैयार की जाए एवं समाज की सहभागिता से संचारी रोगों के फैलाव को रोका जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा, एएनएम द्वारा मातृ समूहों की बैठक, पानी को क्लोरीन टैबलेट के माध्यम से साफ करने का प्रदर्शन, हाथ धोने का प्रदर्शन, खुले में शौंच से मुक्ति, गंदगी व कूड़े के ढेर की सफाई तथा कूड़े का उचित निस्तारण के सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता के कार्यक्रम किये जाएं। उन्होने बताया कि इस अभियान के तहत पानी लगे हुए स्थानों पर मलेरिया विभाग के कर्मचारियों के द्वारा लगातार एंटी लार्वा का छिड़काव भी प्रतिदिन माइक्रो प्लान के अनुसार शहरी और ग्रामीण इलाकों में किया जा रहा है।

जरूर पढ़े, संचारी रोग के बचाव-

संचारी या संक्रामक रोग, किसी ना किसी रोगजनित कारको (रोगाणुओं) जैसे कवक, जीवाणु, वाइरस इत्यादि के कारण होते हैं। संक्रामक रोगों में एक शरीर से अन्य शरीर में फैलने की क्षमता होती है। मलेरिया, टायफायड, चेचक, इन्फ्लुएन्जा इत्यादि संक्रामक रोगों के उदाहरण हैं। संक्रमण रोग के कारणों में बैक्टीरिया, वायरस, फफूँद और सूक्ष्म परजीवी (जैसे मलेरिया या फाइलेरिया रोग के परजीवी) शामिल होते हैं। संक्रमण बीमारियों का इलाज, अन्य समूहों की बीमारियों के इलाज से आसान होता है। इन रोगों से बचाव के लिए टीके भी उपलब्ध हैं। रहन-सहन सुधार से भी इनसे बचाव किया जा सकता है।

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