बाराबंकी में जनसंख्या को नियंत्रण करने के लिए आगे आईं महिलाएं

बाराबंकी । जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अधिक जागरूक हो रही हैं। जिले में 8 दिनों के भीतर 24 महिलाओं ने नसबंदी कराकर स्थाई गर्भनिरोधक के साधन को अपनाया है वही पुरुषों नें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके अलावां  पुरूष स्थाई गर्भ निरोधक साधन के बजाय अस्थाई साधनों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। विदित हो कि प्रदेश के कई जिलों में महिलाओं के साथ अब जागरूक होकर पुरूष भी नंसबदी करवाने के लिए आगे आ रहें है। लेकिन अभी भी बाराबंकी  समेंत कुछ अन्य जिलों में पुरूष नसबंदी को लेकर लोगों में तमाम प्रकार का संशय व्याप्त रहता है जबकि स्वास्थ्य विभाग इसे दूर करने के लिए बराबर जन जागरूकता कार्यक्रम चलाता रहा है।

जिले में चल रहे जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान 11 से 25 जुलाई तक गर्भ निरोधक साधन उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले आशा कार्यकर्ताओं ने दंपत्ति संपर्क अभियान के दौरान लोगों को परिवार नियोजन के फायदे बताएं और दंपत्ति को परिवार नियोजन के अस्थाई और स्थाई साधन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं अभियान के नोडल अधिकारी डा आरसी वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि अभियान के पहले 8 दिन में 24 महिलाओं ने नसबंदी करा कर परिवार नियोजन के स्थाई साधन अपनाए हैं। इसके अलावा दो बच्चों के बीच में सुरक्षित 3 साल का अंतर रखने के लिए महिलाएं आस्थाई साधन अपना रही हैं। पखवाड़े के दौरान अब तक जिले में कुल जनपद में अब तक 24 महिला नसबंदी, 72 प्रसव पश्चात काँपर टी, 126 काँपर टी, 109 अंतरा, 811 इमरजेंसी गर्भ निरोधक गोली व 759 छाया गोली का उपयोग महिलाएं कर चुकीं हैं।इसके अलावा पखवाड़े के दौरान कुल 10650 कंडोम का वितरण किया जा चुका है।

पुरूष नसबंदी से सेक्स पावर में नहीं होती कमी

जिला अस्पताल के  सर्जन डा राजीव गौड़ ने बताया कि जब फैमिली प्लानिंग की बात आती है तो हमेशा से ही महिलाओं को इसका जिम्मा सौप दिया जाता है। गर्भ निरोधक गोली खानी हो या नसबंदी करवाना हो, महिलाएं ही आगे आती हैं। पुरूष हमेशा अस्थाई साधन इस्तेमाल करते है और नसबंदी करवाने से बचते हैं जबकि पुरूष नसबंदी महिला नसबंदी से आसान है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि ज्यादातर पुरूष सोंचते है कि नसबंदी करवाने से उनके पुरूषार्थ में कमी आ जाएगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं है, पुरूष नसबंदी से सेक्स ताकत में कोई कमीं नही आती है।

मालूम हो कि –

परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी अपनाने वाले पुरुषों को प्रोत्साहन राशि के रुप में 3,000 रुपये और महिलाओं को 2,000 रूपये की राशि दी जाती है। साथ ही नसबंदी के लिए दंपति को अस्पताल लाने वाली आशाओं को पुरुष नसबंदी पर 400 रुपये और महिला नसबंदी पर 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दीजाती है। अंतरा इंजेक्शन अपनाने वाली महिलाओं को 200 रुपये की राशि दी जाती है। वहीं इन महिलाओं को लाने वाली आशा कार्यकर्ता को 100 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

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