UP सरकार की अहम पहल : 23 अगस्त को लागू होगी कन्या सुमंगला योजना

बालिका स्वास्थ्य शिक्षा को लेकर सरकार की अहम पहल,

अब आड़े नहीं आयेगी धन की कमी

बाराबंकी । गरीब परिवार को बेटी का जन्म होने पर तनाव लेने की जरूरत नहीं। प्रदेश सरकार ने उनकी बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को लेकर अहम पहल की है। प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना 23 अगस्त से लागू हो जाएगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों में जन्म लेने वाली बालिका को उच्च शिक्षा ग्रहण करने तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। खास बात यह कि इसके तहत इन बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी सरकार पैसा खर्च करेगी। परिवार में 2 बेटियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

मुख्य विकास अधिकारी मेघा रूपम ने सभी संबंधित विभागों के साथ शनिवार को लोक सभागार में बैठक की। सीडीओ ने आगे बताया कि बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच में बदलाव लाने के लिए सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में इस योजना का शुभारम्भ 23 अगस्त को मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश मुख्यालय से किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए यह योजना शुरू हो रही है । कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना तथा बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रोत्साहन देना है।

उन्होने कहा है कि प्रथम श्रेणी के लिये आवेदन जन्म से छ: माह के भीतर करना अनिवार्य होगा एवं उत्तर प्रदेश का जन्म प्रमाण-पत्र देना होगा। संस्थागत प्रसव (अस्पताल/एम्बुलेंस इत्यादि) का प्रमाण पत्र भी देना होगा।  उन्होंने बताया कि आवेदन आनलाइन के साथ आफलाइन भी किये जा सकेंगे। आनलाइन आवेदन, आवेदक स्वयं किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर/साइबर कैफे/स्वयं के स्मार्ट फोन से कर सकेंगे। इसी तरह आफलाइन आवेदन के लिये आवेदन फार्म बीडीओ/एसडीएम/डीपीओ कार्यालयों में जमा कराने होंगे। संबंधित अधिकारी सभी आवेदन पत्रों को डीपीओ को अग्रसारित करेंगे, जो इनको आनलाइन जमा करेंगे।  डाक द्वारा भेजे गए आवेदन पत्र किसी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

किसको मिलेगा योजना का लाभ –

पात्रता की शर्तों में लाभार्थी परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। परिवार की अधिकतम आय तीन लाख हो। ऐसे माता-पिता जिनकी केवल दो संतानें होंगी, वे ही इस योजना में पात्र माने जाएंगे। यही नहीं, परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को लाभार्थी बनाया जायेगा। किसी महिला के द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर चाहे तीसरी संतान लड़की हो या दोनों जुड़वा संतान लड़कियां हों या दोनों प्रसवों को मिलाकर तीनों संतान बालिका हों तो भी लाभ मिलेगा। परिवार द्वारा अनाथ बालिका को गोद लेने पर परिवार की जैविक एवं गोद ली गयी सन्तानों को मिलाकर अधिकतम दो बालिकाएं ही लाभार्थी हो सकेंगी। फिलहाल, योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार पूरे जनपद में किया जा रहा है।

छह श्रेणियों में लागू  होगी योजना

इस योजना का लाभ छह श्रेणियों में मिलेगा। प्रथम श्रेणी में एक अप्रैल 2019 या इसके बाद जन्मी बालिकाओं के जन्म पर दो हजार रुपए एक मुश्त मिलेंगे। द्वतीय श्रेणी में 1 अप्रैल 2018 या इसके बाद ज्न्मी बालिकाओं के एक वर्ष का टीकाकरण पूरा होने पर 1 हजार रुपये एक मुश्त मिलेंगे। तृतीय श्रेणी में बालिका के प्रथम कक्षा में प्रवेश के बाद दो हजार रुपए एक मुश्त मिलेंगे। चतुर्थ श्रेणी में बालिका के छठी कक्षा में प्रवेश के उपरांत दो हजार रुपए एक मुश्त दिए जाने का प्रावधान है। पंचम श्रेणी में बालिका के नवीं कक्षा में प्रवेश के उपरांत तीन हजार रुपए एक मुश्त दिए जाएंगे। छठी श्रेणी में ऐसी बालिकाएं, जिन्होंने बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करके स्नातक डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो तो उनको पांच हजार रुपए एक मुश्त मिलेंगे।

योजना का मुख्य उद्देश्य –

इस योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या समाप्त करना, समान लिंगानुपात स्थापित करना,बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, नवजात कन्या के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान तथा जिले में बालिका के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखना है।

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