Barabanki: सुपोषण उत्सव के रूप में  धूमधाम से मनाया गया बचपन दिवस

बाराबंकी । राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत स्थानीय जनपद के सभी आंगनबाङी केन्द्रों पर बचपन दिवस के अवसर पर बाल सुपोषण उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नवजात बच्चों एवं छोटे बच्चों का जन्म दिन माथे पर तिलक लगाकर मनाया गया। वहीं विभिन्न केन्द्रों पर पौष्टिक आहार से बने भोजन एवं फल को नये बर्तनों में देकर सभी बच्चों को समूह में बैठाकर खिलाया गया। सथा ही कई कन्द्रों पर एएनएम द्धारा संचारी रोग अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की गई । यह जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार चौरसिया ने बताया आंगनबाङी केन्द्रों पर पंजीकृत जिन बच्चों का जन्म जुलाई माह में हुआ है उन सभी बच्चों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया । साथ ही माताओं को स्तन पान का महत्व और बच्चे के सेहत पर इसके प्रभाव की जानकारी दी गई।

डीपीओ ने बताया बचपन दिवस के अवसर पर अब नया कार्यक्रम बाल सुपोषण उत्सव का शुभारंभ किया गया। इसके तहत बच्चे अपनी आयु समूह में दूसरे बच्चों के साथ भोजन करने में अधिक रुचि लेते हैं, इसको लेकर अब व्यापक रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह बचपन, लाडली तथा अन्नप्राशन दिवस को बाल सुपोषण उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य, 1-बच्चों को समूह में बिठा कर उचित मात्रा में पौष्टिक आहार खाने की आदत डालना, 2- समूह में प्रदर्शन द्वारा बच्चों हेतु विभिन्न प्रकार के भोजन व पौष्टिक आहार वह भोजन की विविधता पर जागरूकता बनाना, 3- उत्सव के दौरान माताओं को भोजन बनाने बच्चों को खिलाने तथा पौष्टिकता के बारे में अनुभव साझा करने हेतु मंच उपलब्ध कराना, नंबर 4- बच्चों की माताओं को ऊपरी आहार हेतु जागरूक करना।

उन्होंने आगे बताया स्थानीय जनपद के करीब 3 हजार आंगनवाडी केंद्रों पर बचपन  दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पास के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर महिलायें अपने बच्चो और परिवार के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चो और महिलाओं को तिलक लगाकर तथा मंगल गीत गाकर की गई।  उन्होंने बताया कि लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता बढाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किए जाते हैं जिससे लोग जागरूक हो सकें। शासन की ओर से दी जा रही योजनाओं का लाभ ले सकें। इस दौरान माताओं को खानपान में मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियों के विषय में बताया गया। साथ ही नवजात बच्चों को तिलक लगाकर उनका स्वागत हुआ।

इस अवसर पर बच्चों के माता-पिता समेंत परिवार के अन्य सदस्यों ने केन्द्रों पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इसके साथ ही मौक बच्चों को हैंण्ड वास कराया गया । बच्चों को और उनके माता व परिवार के लोगों को हाथ धुलने की विधि के बारे में  हैंडवास कराकर बताया गया। मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की मां से  खुद  को और अपने बच्चों को स्वस्थ्य व बिमारियों से दूर रहने के लिए कुछ खाने- पीने से पहले हाथ धुलने के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा ने बताया कि उक्त कार्यक्रम के तहत अब बच्चों की माताएं घर से टीफिन में खाना लेकर आयेंगी, उसको और केन्द्रों बने भोजन को सभी बच्चों को एक साथ समूह में बैठाकर खिलाया गया। साथ विभिन्न केन्द्रों पर बच्चों के माताओं को चतुरंगी आहार अर्थात लाल सफेद, हरा, पीला रंग के खाद्यान, इसके साथ ही गाढी दाल, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जी स्थानीय मौसमी फल, दूध, दूध से बने उत्पादों को खिलाने का परामर्श दिया गया। यह भी बताया कि भोजन की मात्रा धीरे धीरे कैसे बढाई जाती है। बच्चों में हाने वाली बीमारियों जिनमें डायरिया, निमोनिया, खसरा आदि से बचाव व उपचार के लिए भी व स्वच्छता को लेकर जागरूक किया।

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