Barabanki- बाल सुपोषण उत्सव कार्यक्रम के रूप में मना अन्नप्राशन दिवस

बाराबंकी। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत स्थानीय जनपद के सभी आंगनबाङी केन्द्रों पर अन्नप्राशन दिवस का समारोह पूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पोषक क्षेत्र के अंतर्गत 6 माह तक के सभी नवजातों का मुंहजूठा कराया गया। इस दौरान छह महीने की आयु पूरी कर चुके बच्चों का अन्न प्रशासन कराने के साथ ही माताओं को सही ऊपरी आहार, भोजन की गुणवत्ता की विस्तार से प्रायोगिक तौर पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न केन्द्रों पर किशोरियों एवं महिलाओं को एनीमिया के प्रति जागरूक कर उनकों सावधानी बरतने की शपथ दिलायी। साथ ही कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल सुपोषण उत्सव का भी आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों की माताएं घर से टीफिन में खाना लेकर आयी, उसे और केन्द्रों बने भोजन को सभी बच्चों को एक साथ समूह में बैठाकर खिलाया गया। यह जानकारी जिला प्रोग्राम अधिकारी प्रकाश कुमार ने दी।

उन्होंने आगे बताया  जनपद के करीब3 हजार आंगनवाड़ी  केंद्रों पर बाल सुपोषण उत्सव कार्यक्रम के तहत अन्नप्राशन दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। प्रखंड बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन किया गया। साथ ही उन्हें पूरक पोषाहार के बारे में जानकारी दी गई ।

आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित धात्री महिलाओं को पोषण युक्त भोजन के बारे में जानकारी दी गई। वही अपने बच्चों को पोषण से भरपूर आहार खिलाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक सब्जी, दाल, चावल, अंडा फल इत्यादि का प्रदर्शनी भी किया गया । प्रदर्शनी में मां के दूध के साथ पूरक आहार, माता के उचित पौष्टिक आहार, खिलाने के तरीके, साफ-सफाई पर ध्यान आदि की जानकारी देते हुए बच्चों के माता पिता व अन्य सभी लोग से उसे अपनाकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई। प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों सेविकाओं द्वारा अन्नप्राशन दिवस के अवसर पर धात्री माताओं को पोषाहार संबंधी जानकारी दी गई ।

डीपीओ ने बताया बचपन दिवस के अवसर पर अब नया कार्यक्रम बाल सुपोषण उत्सव का शुभारंभ किया गया। इसके तहत बच्चे अपनी आयु समूह में दूसरे बच्चों के साथ भोजन करने में अधिक रुचि लेते हैं, इसको लेकर अब व्यापक रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह बचपन, लाडली तथा अन्नप्राशन दिवस को बाल सुपोषण उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य, 1-बच्चों को समूह में बैठा कर उचित मात्रा में पौष्टिक आहार खाने की आदत डालना, 2- समूह में प्रदर्शन द्वारा बच्चों हेतु विभिन्न प्रकार के भोजन व पौष्टिक आहार वह भोजन की विविधता पर जागरूकता बनाना, 3- उत्सव के दौरान माताओं को भोजन बनाने बच्चों को खिलाने तथा पौष्टिकता के बारे में अनुभव साझा करने हेतु मंच उपलब्ध कराना, नंबर 4- बच्चों की माताओं को ऊपरी आहार हेतु जागरूक करना।

सदर सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा ने कहा कि विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्रासन दिवस का आयोजन जन सहयोग के माध्यम से  किया गया । स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल एवं साग सब्जी के महत्व पर चर्चा की गई। पौष्टिक खाद्य पदार्थ जैसे गुड़, चना, आंवला, सहजन आज के गुणों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। अनुपूरक पोषाहार जैसे लड्डू प्रीमिक्स, नमकीन एवं मीठी दलिया से बन सकने वाले स्वादिष्ट व्यंजनों के बारे में जानकारी दी गई एवं उनका प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को प्रेरित किया जा रहा है। तथा इसके माध्यम से महिलाओं को चल रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी।

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