5 लाख 39 हजार बच्चों को पिलायी गई पल्स पोलियो की खुराक

बाराबंकी । भारत को पोलियो से मुक्त कराने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से सघन पल्स पोलियो अभियान पिछले कई सालों से चलाया जा रहा है, ताकि अब कोई भी बच्चा पोलियो ग्रस्त न हो। इसको लेकर पांच दिवसीय  पल्स पोलियो अभियान चलाया गया। । कार्यक्रम के अंतिम दिन शुक्रवार को जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गाव-गाव और शहर की हर गली में डोर टू डोर जाकर पांच वर्ष तक के 5 लाख 39 हजार 4 सौ 7 बच्चों को पोलियो कि दवा की खुराक पिलाई और लक्ष्य हासिल कर लिया। साथ ही जिले में स्वास्थ्य विभाग की बी टीम द्वारा किसी वजह से छूटे अन्य बच्चों को चिन्हित कर दवा पिलाने के लिए क्षेत्र में जायेंगे।

यह जानकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व कार्यक्रम के  नोडल अधिकारी डा राजीव कुमार ने  दी । कार्यक्रम को सफल बनाने व लक्ष्य हासिल करने के लिए 4 हजार 4 सौ 55 वर्करों द्वारा गांव – गांव डोर टू डोर  पहुंचकर दवा पिलाई गई। पल्स पोलियो अभियान के अंतिम दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग, आशा, ऐनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेंत अन्य ने स्थायी बूथों पर दवा पीने से वंचित रहने वाले बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो रोधक दवा पिलाई। इस दौरान ईटों के भट्ठों, स्लम एरिया, फैक्ट्री आदि जगहों के साथ-साथ मोबाइल यूनिट ने शहर के हर वार्ड में तथा गांव की हर गली में जाकर लक्ष्य को पूरा करने का काम किया।  इसके साथ ही हर मकान, प्रतिष्ठान पर नंबर भी अंकित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पल्स पोलियो अभियान के अलावा अन्य कोई भी अभियान तभी कामयाब हो सकता है, जब समाज के लोग जागरुक होंगे और प्रशासन का सहयोग करेगे।

नोडल अधिकारी डा गौड़ ने बताया पोलियों अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में 1485 बूथ बनाए गए हैं, जहाँ पर 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5 लाख 39 हजार 4 सौ 7 बच्चों को पोलियो कि दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । बूथ पर्यवेक्षक 345, कुल टीम पर्यबेक्षकों की संख्या 342, कुल ट्रांजिट टीमों की संख्या 104, जिसमें से 93 गांव में व 11 नगर में सक्रिय है।

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