TB रोगी खोज अभियान 10 से 23 तक, 137 टीमें घर-घर देगी दस्तक

3.70 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जाँच कर खोजे जायेंगे सम्भावित टीबी के मरीज

बाराबंकी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक भारत को टीबी रोग से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ जिला क्षय रोग विभाग एक बार फिर सघन टीबी रोगी खोज अभियान शुरू कर रहा है । यह अभियान 10 से 23 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान में जिले के 15 ब्लॉक से लक्षित 3 लाख 70 हजार लोगों के स्वास्थ्य की जाँच की जायेगी। टीम प्रतिदिन 50 घरों का भ्रमण कर मरीजों को खोजने का काम करेगी । इस दौरान व्यक्ति में टीबी के लक्षण होने पर उसका बलगम लेकर जाँच के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर देगी और टीबी की पुष्टि होने पर उसका तत्काल इलाज शुरू कर दिया जायेगा। यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी व अभियान के नोडल डा० एके सिंह ने दी ।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया इस बार अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में कुल 137 टीम बनायीं गयी हैं । जिसके निगरानी  के लिए 31 सुपरवाईजरों को लगाया गया है । टीमें घर-घर जाकर टीबी मरीजों की खोज करेगी। वहीं विगत माह जून में चलाये गये इस अभियान के तहत कुल 70 क्षय रोगी खोज में पाये गये, उन सभी मरीजों का तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया था ।

उन्होंने बताया उक्त अभियान में इस बार कुल 3.70 लाख आबादी को लक्षित किया गया है, अभियान में जो भी संदिग्ध मरीज मिलेगा, टीम उसका मौके पर ही नमूना लेगी। इसके बाद दूसरी सुबह खाली पेट उस  मरीज के बलगम का दूसरा नमूना लिया जाएगा, जिसकी जांच जिला टीबी यूनिट में की जाएगी। टीबी रोग की पुष्टि होने के बाद मरीजों का नि:शुल्क उपचार शुरू होगा। इसी के साथ जो भी प्राइवेट चिकित्सक, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किसी टीबी के संदिग्ध मरीज को रेफर करता है तो उनको प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह 500 रुपये भी रहे हैं ।

उन्होंने जनसमुदाय से अपील की कि वह अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें और समय रहते अपना इलाज करायें ताकि दूसरों में भी यह बीमारी न फैले। टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर देता है, इसलिए टीबी के मरीज के जल्दी पहचान होने के बाद तत्काल उपचार शुरू होना जरूरी है। इस कड़ी में यदि एक भी मरीज पहचान हुए बिना रह गया तो कड़ी टूट जाएगी।

क्षय रोग अधिकारी डा सिंह ने बताया-

प्रत्येक टीम रोजाना 50 घरों में जाएगी। दरवाजा खटखटाने के बाद टीम अभिवादन करने के साथ बताएगी कि हम लोग स्वास्थ्य विभाग से आए हैं। इसके बाद टीम घर के हर सदस्य से बात करके यह जानकारी जुटाएगी कि घर में किसी को 15 दिन से बुखार या खांसी तो नहीं है। बलगम में खून तो नहीं आ रहा है या फिर सीने में दर्द और वजन तो नहीं गिर रहा है। यह सभी लक्षण होने पर टीम बलगम का सेंपल लेगी और उसकी जांच भी कराएगी। यदि जांच में टीबी पाई गई तो मेडिकल सुपरवाइजर उस घर पर जाकर टीबी का उपचार शुरू करेगा।

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