आयुष्मान के तहत जिले के 4 हजार लाभार्थियों को मिला निशुल्क इलाज

बाराबंकी। अमीर हो या गरीब हर किसी को एक समान सुविधाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 में आच्छादित परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु आयुष्मान भारत योजना लागू की गयी है। उक्त योजना में जनपद के कुल 2 लाख 65 हजार परिवारों को चिन्हित किया गया है। जिले में अब तक 1.49 लाख कार्ड बनाया जा चूका है । योजना के तहत अब तक 4 हजार से अधिक लोग को इलाज संभव हो सका है । इसके तहत प्रदेश में बाराबंकी जिला 6वां स्थान प्राप्त कर लिया है।

उक्त जानकारी  देते हुए योजना के नोडल अधिकारी डा डीके श्रीवास्तव ने आगे बताया इस योजना से लाभान्वित होने वाले परिवारों  में अब तक करीब 1 लाख 49 हजार लोगों का गोल्डन कार्ड बन चुका  हैं। चिन्हित परिवारों को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिदिन 18 सौ गोल्डन कार्ड जारी करने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके लिए जनसेवा केन्द्रों के माध्यम विभागीये टीमों की सक्रियता जारी है।

उन्होंने  बताया कि जनपद में आयुष्मान योजना में शामिल किए गए चिकित्सालयों में जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय व सीएचसी देवा, रामसनेही घा  निजी चिकित्सालय में- हिन्द मेडिकल कालेज, मेवा मेडिकल कालेज, आस्था हास्पिटल, आहुजा नर्सिग होम, जैन नर्सिंग होम, कृष्णा मैटरनिटी हास्पिटल, रामसनेही घाट में आकांक्षा नर्सिंग होम पारान अस्पताल, शान्ति पॉलिक्लिनिक, शेरवुड अस्पताल समेंत अन्य सरकारी अस्पतालों पर निशुल्क व जनसेवा केन्द्रों पर निर्धारित 30 रूपया शुल्क लेकर गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है।

वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा रमेश चन्द्र ने आयुष्मान योजना अंतर्गत गोल्डन कार्ड के लिए चिन्हित परिवार से  अपील कि वे अपना एवं अपने परिवार के सदस्यों का गोल्डेन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवा लें। उन्होंने आगे बताया कि  इस योजना में प्रदेश में भर की आबादी को 5 लाख तक निशुल्क इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। हर गरीब का बेहतर इलाज हो इसके लिए केंद्र सरकार ने इस योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना के अंतर्गत सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी लोगों को बेहतर इलाज हो सकेगा आयुष्मान योजना के लाभार्थी उत्तर प्रदेश में ही ज्यादा है।

अधिक जानकारी यहां से प्राप्त करें

कैसे जाने आपका नाम हैं या नही ?

-निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 180018004444 पर कॉल करके।

– अपने क्षेत्र की आशा से भी जानकारी ले सकते हैं।

– जनसेवा केंद्र से।

– अस्पतालों में तैनात आरोग्य मित्रों के द्वारा भी जानकारी लें सकते हैं।

– वेबसाइट पर जाकर भी चेक कर सकते हैं।

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