अब हर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया जायेगा अंतराल दिवस

बाराबंकी । परिवार नियोजन कार्यक्रम को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से अब प्रत्येक बृहस्पतिवार को जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर अंतराल दिवस मनाया जाएगा। इस दिन अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं को गर्भनिरोधक के अस्थाई साधनों के बारे में जानकारी देने के साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ आरसी वर्मा ने बताया विवाह पश्चात एवं दो बच्चों के बीच अंतर रखने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थाई गर्भनिरोधक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इच्छुक दंपति परिवार नियोजन संबंधी परामर्श एवं गर्भ निरोधक सामग्री व सेवाएँ निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं।

इस दिन स्वास्थ्य इकाइयों पर पहुंचने वाली महिलाओं को गर्भनिरोधक के अस्थाई साधनों जैसे आईयूसीडी, अंतरा तिमाही गर्भनिरोधक इंजेक्शन, ओरल पिल्स-माला एन एवं छाया साप्ताहिक गोली, कंडोम के बारे में जानकारी देने के साथ ही परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियों और मिथकों का समाधान भी किया जाएगा। ”परिवार नियोजन में निभाएं जिम्मेदारी, मां और बच्चे के स्वास्थ्य की पूरी तैयारी” थीम के साथ इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाए जाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा परिवारों को नियोजित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर शासन ने परिवार नियोजन की अस्थाई विधियों के प्रोत्साहन के लिए सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों पर अब सप्ताह में एक दिन अंतराल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम को उत्सव की तरह मनाया जाएगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ॰ रमेश चंद्र द्वारा इसके लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। उन्होंने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लाभार्थी महिलाएं इस दिवस का लाभ उठाएँ।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया – परिवार नियोजन की यह सुविधाएं अपनाने से मातृ मृत्यु में 30 फीसदी एवं शिशु मृत्यु दर में 10 फीसदी सुधार लाया जा सकता है। ‘अंतराल दिवस’ पर इच्छुक लाभार्थी को लाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता को दी गई है। इसके लिए उन्हें कार्यक्रम से पूर्व दो दिन इसका प्रचार एवं प्रसार करना होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शादी के बाद नव दंपत्तियों को पहले बच्चे में दो साल तथा पहले व दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने पर विशेष ध्यान देना है। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये जा चुके हैं।

जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी निमेष चंद्रा ने बताया जनपद में परिवार नियोजन संबंधी जागरूकता है परंतु अभी भी करीब 9 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो गर्भ निरोधक उपायों को अपनाने चाहते हैं परंतु गर्भ निरोधक उपायों तक पहुँच नही बना पाये हैं। जिसका कारण उनकी जानकारी का स्तर, गर्भनिरोधक उपायों के संबंध में व्याप्त भ्रांतियाँ ,जागरूकता का अभाव पारिवारिक दबाव अशिक्षा एवं सामाजिक कारण भी हैं जो निः शुल्क उपलभ्ध गर्भ निरोधक साधनों व सेवाओं तक उनकी पहुँच को कठिन बनाते हैं।

उन्होने बताया जनपद में वर्ष 2019-2020 में 1135 महिलाओं व 5 पुरुषों ने स्थायी साधन को अपनाकर नसबंदी कराई । इसके साथ ही महिला व पुरुषों ने अस्थायी साधन भी अपनाए हैं । 3654 महिलाओं ने कॉपर टी, 2885 महिलाओं ने प्रसव पश्चात कॉपर टी, 3171ओरल पिल्स, 32636 ईसीपी व 1902 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया है । 3502 महिलाओं ने छाया गर्भनिरोधक गोली ले चुकी हैं , 262 गर्भ समापन 5185 पुरुषों ने कंडोम अपनाया है ।

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