ममता दिवस मनाकर महिलाओं को दी पोषण की प्रेरणा

बाराबंकी। पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को लगभग सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ममता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती, धात्री माताओं को उनके शिशुओं हेतु पोषण एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न जानकारी देकर जागरूक किया गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार चौरसिया ने बताया कि जिले के 3 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर ममता दिवस कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान समय से जांच कराने, आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करने, आयरन की गोली का नियमित प्रयोग करने, प्रसव के एक घंटे के अन्दर पीला गाढ़ा दूध नवजात को पिलाय जाने, प्रसव सिर्फ संस्थागत कराने की सलाह दी गई।

भिठौली कला आंगनबाड़ी केन्द्र प्रथम की कार्यकर्ता सुषमा यादव ने गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण का महत्व समझाते हुए चार जांचे कराने की सलाह दी ताकि कोई समस्या हो तो उसका समय से पहले निराकरण किया जा सके। बच्चे को छः माह तक स्तनपान कराने के साथ उसके बाद करीब दो साल तक स्तनपान के साथ साथ मां बच्चे को ऊपरी आहार भी देना शुरू कर दे जो बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है। गर्भवती महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियां, दही, अंडा, दाल, पूरक पोषाहार के साथ अतिरिक्त खाद्य पदार्थ लेना चाहिए।

सिरौली गौसपुर प्रथम आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता प्रतिमा यादव ने लोगों को बताया कि तीन महीने की गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को वजन व ह्यूमोग्लोबिन की जांच करानी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को सही समय पर टीकाकरण सारणी के अनुसार टीका लगवाना चाहिए जिससे गर्भवती मां और पेट में पल रहे बच्चे पर गम्भीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। साथ ही चतुरंगी आहार में लाल, हरा्, पीला, सफेद चार तरीके के भोजन करने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जन सहयोग से ममता दिवस का आयोजन किया गया।

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