मानव जाति की बेहतरी शिक्षा में क्वालिटी विचारधारा द्वारा ही संभव – प्रख्यात क्वालिटी विशेषज्ञों का मत

लखनऊ, 30 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन (आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019) के चैथे व अन्तिम दिन आज विभिन्न देशों से पधारे क्वालिटी गुरुओं ने एक स्वर से कहा कि मानव जाति की बेहतरी शिक्षा में क्वालिटी विचारधारा द्वारा ही संभव है। सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में चल रहे आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 का चैथा दिन आज काफी दिलचस्प रहा तथापि विश्वविख्यात क्वालिटी विशषज्ञों ने अपने सारगर्भित उद्बोधनों से गागर में सागर उड़ेल दिया। उन्होंने अपने अनुभवों को बच्चों के सामने रखकर उन्हें क्वालिटी विचारधारा को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन के अन्तिम दिन आज विभिन्न देशों से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने ‘क्वालिटी क्विज’ प्रतियोगिता में जोरदारी भागीदारी कर अपने ज्ञान-विज्ञान का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, समापन समारोह में इस ऐतिहासिक सम्मेलन का फ्लैग नेपाल के प्रतिनिधि को सौंपा गया, जहाँ वर्ष 2020 में अगला क्वालिटी सर्किल सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।

आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 के चैथे व अन्तिम दिन का शुभारम्भ आज प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी द्वारा ‘मीनिंगफुल एजुकेशन’ विषय पर सारगर्भित संभाषण से हुआ। डा. गाँधी ने कहा कि मानवता का कल्याण तब तक नही हो सकता है, जब तक मानव में ‘क्वालिटी’ का प्रादुर्भाव नही हो जाता है। मानव में क्वालिटी की भावना ही मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है अन्यथा मानव पढ़-लिखकर भी बड़े ऊँचे ओहदे पर पहुँचकर भी मानवता का शोषण उत्पीणन करता है। अपने विचारों को स्पष्ट करते हुए डा. गाँधी ने कहा कि आज मानव भौतिकता में तो निरन्तर प्रगति कर रहा है परन्तु अपने मनोविचारों की क्वालिटी में निरन्तर गिरावट करता जा रहा है। मानवता के कल्याण के लिए क्वालिटी भावना का विकास अति आवश्यक है।

चर्चा में भाग लेते हुए हैदराबाद से पधारे प्रो. विक्रमादित्य दुग्गल, सी.ई.ओ., अभिव्यक्ति – द एक्सप्रेशन ने ‘पाॅजिटिविटी एण्ड माइंडसेट कैन वर्क वण्डर्स इन एजूकेशन’ विषय पर कीनोट एड्रेस देते हुए छात्रों से कहा कि यदि सफलता चाहिए तो अपने कम्फर्ट जोन से बाहर आओ। अभ्यास से ही सफलता मिलती है। तमिलनाडु से पधारी सुश्री सेल्वी संतोषम ने ‘प्राब्लम साल्विंग मेथड इन स्कूल्स फाॅर एक्सीलेन्ट टीम वर्क एण्ड टु बिल्ड फ्यूचर लीडर्स’ विषय पर बोलते हुए कहा कि क्वालिटी सर्किल में बच्चे बेहतर सीखते हैं, उनकी क्षमता बढ़ जाती है, बच्चे सशक्त होते हैं तथा परिणाम भी बेहतर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बांटना जरूरी है नहीं तो इसमें स्थिरता आ जायेगी। आस्ट्रेलिया से पधारे आस्ट्रेलियन इन्स्टीट्यूट आॅफ बिजनेस मैनेजमेन्ट के चेयरमैन श्री शाॅन रूपराय ने कहा कि सी.एम.एस. की शिक्षा पद्धति बेहतरीन है, जिसके अच्छे परिणाम हमें लगातार देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका से पधारे क्वालिटी स्ट्रेटजीज इण्टरनेशनल (क्यू.सी.आई.) के सी.ई.ओ. श्री डेविड क्राफोर्ड ने ‘इम्पार्टेन्स आॅफ ग्लोबल कोलाबरेशन इन बिल्डिंग एन इफेक्टिव एजूकेशनल इकोसिस्टम’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें सोचना होगा कि हम कितनी बड़ी समस्या अपनी अगली पीढ़ियों के लिए छोड़े जा रहे हैं। ईश्वर ने हमें इस पृथ्वी पर राज करने के लिए भेजा है परन्तु हम इसे ही नष्ट किये जा रहे हैं। अब बच्चे ही इसे बेहतर बना सकते हैं और इसके लिए हमें उनको तैयार करना होगा। इंग्लैण्ड से पधारी सुश्री कैरोलिन गेटन, हेड आॅफ लर्निंग एण्ड डेवलपमेन्ट, डेविड हचिन्स इनोवेशन, ने ग्लोबल वार्मिंग एवं पर्यावरण पर गहन चिन्ता व्यक्त करते हएु कहा कि सामाजिक जागरूकता से ही इस वैश्विक समस्या का समाधान संभव है जिसके लिए हमें युवा पीढ़ी को तैयार करना होगा। इसी प्रकार, देश-विदेश से पधारे कई अन्य विद्धजनों ने भी अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये।

इसके अलावा, अपरान्हः सत्र में आयोजित ‘क्वालिटी क्विज’ प्रतियोगिता काफी दिलचस्प रही और दर्शकों ने तालियां बजाकर प्रतिभागी छात्रों की खूब हौसलाअफजाई की। प्रतियोगिता में देश-विदेश से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने  अपने ज्ञान-विज्ञान का अभूतपूर्व परचम लहराया। लिखित राउण्ड के बाद चयनित टीमों ने बिजली की गति से सवालों के जवाब देकर अपनी क्वालिटी व हुनर का प्रदर्शन किया। इसके अन्तर्गत प्रतिभागी छात्रों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे गये जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि छात्रों में क्वालिटी की भावना का समावेश हो एवं क्वालिटी मैनेजमेन्ट से रूबरू हो सकें।

क्वालिटी सम्मेलन का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ तथापि देश-विदेश की विजयी छात्र टीमों को पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने अनुभव बांटते हुए इन छात्रों कहा कि जो क्वालिटी की भावना उनके अन्दर प्रवाहित हुई है वह जीवन भर उनको उत्कृष्टता की ओर ले जायेगी। सी.एम.एस. परिवार में उन्हें जो स्नेह और अपनत्व महसूस हुआ है वह एक मीठी याद बनकर उनके हृदय में रहेगा। उनको यहां शान्ति और एकता की सीख मिली है जिसे वे तोहफे के रूप में अपने देश वापस ले जा रहे हैं।

समापन समारोह में देश-विदेश से पधारे क्वालिटी विशेषज्ञों व प्रतिभागी छात्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए सी.एम.एस. कानपुर रोड की वरिष्ठ प्रधानाचार्या एवं आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 की संयोजिका डा. (श्रीमती) विनीता कामरान ने कहा कि क्वालिटी जीवनदायिनी शक्ति है। यदि जल या वायु प्रदूषित हो तो मानव जीवन का अस्तित्व ही संकट में आ जाता है। प्रकृति भी हमें क्वालिटी का सबक सिखाती है। छात्रों को शुरू से ही यदि टोटल क्वालिटी परसन बनने की शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा सी.एम.एस. कानपुर रोड द्वारा आयोजित इस आयोजन में 12 देशों के छात्रों व क्वालिटी विशेषज्ञों ने प्रतिभाग कर क्वालिटी सर्किल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस अवसर पर आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 की सह-संयोजिका एवं सी.एम.एस. कानपुर रोड की प्रधानाचार्या श्रीमती रोली त्रिपाठी ने सभी अतिथि गणों, शिक्षकों, शिक्षाविदों, गुणवत्ता विशेषज्ञों और छात्रों को धन्यवाद दिया जिनके प्रतिभाग से इस सम्मेलन का सफल आयोजन संभव हो सका।

 

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