33 हजार महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलेगा लाभ

विशेष सप्ताह अभियान में 1366, व  जनपद से कुल 33127 महिलाएं लाभान्वित

बाराबंकी । प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना अभियान के दौरान प्रसव केंद्रों पर बने सेल्फी प्वाइंट लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। दो दिसंबर से शुरू हुआ विशेष सप्ताह अभियान जिले भर में चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित की जा रही प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत स्थानीय जनपद में अब तक 33127 पहली बार मां बनने वाली महिलाएं को लाभान्वित किया गया है।

आरसीएच के नोडल डॉ. महेन्द्र कुमार ने बताया कि जनवरी 2017 से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की शुरुआत हुई थी। जिसके तहत प्रसव केंद्रों में सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं।  प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत अब तक  कुल 33127  से अधिक ऐसी महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। इनको योजना के तहत सीधा लाभ  मिल सकेगा।

नोडल अधिकारी ने बताया जनपद के विकास खण्ड रामनगर में 33, हैदरगढ़ 113, आरएसघाट 70, टिकैतनगर 116, फतेहपुर 69, मसौली 53, सूरतगंज 40, दरियाबाद 80, देवा 105, सिद्धौर 49, सिरौलीगौसपुर 156, त्रिवेदीगंज 104,  जटा बरौली 35, हैदरगंढ़ 113, घंघुटेर 63 अर्बन 38 समेंत सप्ताह के दौरान चलाये गये अभियान में कुल 1366  पहली बार मां बनने वाली महिलाओं का पंजीकरण किया गया । वहीं योजना में अबतक 33127 महिलाओं को लाभ पहंचाने के जोड़ा गया है।

डीपीएम अम्बरीश द्विवेदी ने बताया जनवरी 2017 से उक्त योजना संचालित हो रही है। पहले बच्चे की मां बनने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। अगर कोई महिला अपने जन्म लिए बच्चे का आवेदन नहीं कर पाई है तो वह अपना आवेदन जल्द अपने – अपने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर  कराके इस योजना का लाभ ले सकती है।

डीसीपीएम सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जनपद में अभी तक 33127 लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जा चुका है। प्रथम बार मां बनने वाली महिलाओं को तीन किस्तों में 5000 रुपए की धनराशि प्रदान की जाती है। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 1000 हजार रुपए तब प्रदान किए जाते हैं, जब लाभार्थी महिला गर्भावस्था के 150 दिनों के भीतर किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में अपना पंजीकरण करा लेती है। इसके बाद दूसरी किस्त 2000 रुपए की तब मिलती है जब कम से कम 1 प्रसवपूर्ण जांच हो चुकी है। तीसरी किस्त के रूप में 2000 की धनराशि तब जाती है जब शिशु जन्म का पंजीकरण शिशु को प्रथम चक्र (बीसीजी, ओपीवी, डीपीट एवं हेपेटाइटिस बी टीकाकरण होने के बाद) दस्तावेजों के साथ जमा करने पर भुगतान होता है।

प्रसव केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां प्रथम बार मां बनने वाली महिलाएं अपने नवजात शिशुओं संग सेल्फी लेती है। विशेष अभियान के दौरान जो भी आवेदन आएंगे, उनकी जांच होगी और फिर लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। इस पखवारे के तहत एएनएम व आशा बहू गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं से निर्धारित प्रपत्र भरवाकर विभाग में जमा कराती है। इसकी पीएमएमवीवाई पोर्टल पर प्रविष्टि की जा रही है। इस कार्यक्रम का मूल्यांकन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किया जा रहा है।

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