बाराबंकी : अब तक 15 हजार क्वॉरेंटीन, गठित समितियां कर रही निगरानी

  • होम क्वॉरेंटाइन कर खुद को व परिवार को कोरोना संक्रमण से बचाएं
  • आइसोलेशन और क्वॉरेंटाइन में अंतर समझें

बाराबंकी । कोरोना संक्रमण के इस दौर में आइसोलेशन और क्वारेंटाइन यह दो शब्द तेजी से उभरे हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग उन सभी लोगों को क्वॉरेंटाइन की सलाह देती है जो विदेश अथवा किसी दूसरे राज्य की यात्रा करके आए हो या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये हों। क्वारंटाइन के दौरान संबंधित व्यक्ति को भी 14 दिन तक देखभाल में रखा जाता है। इस दौरान उसे आवश्यक उपचार व डॉक्टर की सलाह से दी जाती हैं। प्रत्येक जिले में जगह-जगह पर क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा होम क्वॉरेंटाइन होने के लिए कोई व्यक्ति अपने घर का एक कमरे का चुनाव भी कर सकता है ताकि वह स्वस्थ लोगों से दूर रह सके। होम क्वॉरेंटाइन के जरिए ही आप खुद को और अपने परिवार को कोरोना के संक्रमण से बचा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर होम क्वॉरेंटाइन के बारे में लोगों को जानकारी दी है। जिले में अब तक करीब 15 हजार श्रमिक को क्वॉरेंटीन किया गया

जिलाधिकारी डा आर्दश सिंह के मुताबिक – बाराबंकी में अब तक करीब 15 हजार श्रमिक गैरप्रान्तों से आ च़ुके हैं। इन लोगों को 21 दिनों के लिए क्वॉरेंटीन  पर रखा गया है। जिससे कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उनकी निगरानी के लिए ग्राम और वार्ड स्तर पर समितियों का गठन  किया गया है। उन्होंने ने बताया जिले में अब तक 12 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। जहां – जहां मरीज मिले है, उन क्षेत्रो को सील कर संक्रमण रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ने बताया शुक्रवार को बसों और ट्रेनों के माध्यम से 1263 श्रमिक जिले में पहुंचे। उन्हे अयोध्या हाइवे किनारे स्थित लान में ठहराया गया । वही दोपहर बाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन से गैर जनपदो के 1558 कामगारों को रेलवे स्टेशन पर जांच के बाद बसो से उनके जनपद को रवाना किया गया। इसके तहत अब तक कुल 1732 सैंपल जांच के लिए भेज गये हैं।

होम क्वारंटाइन में रखें ध्यान —

अपने घर के ऐसे कमरे में रहें जो हवादार हो और जिसमें शौचालय की सुविधा हो। यदि किसी अन्य सदस्य को उसी कमरे में रहना पड़े तो एक मीटर की दूरी जरूर बनाएं। होम क्वारंटाइन में रहने वाले व्यक्ति घर के बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से दूरी बनाकर रहें। ऐसे व्यक्ति किसी भी भीड़-भाड़ वाली जगह ना जाए। हाथों को साबुन से बार-बार धोएं और अल्कोहालयुक्त हैंड सैनेटाइज़र का इस्तेमाल करें। अपने कपड़े, बिस्तर और बर्तन के सिवाए दूसरों के सामानों को न छुएं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए सर्जिकल मास्क लगाकर रहें। मास्क को हर 6-8 घंटे में मास्क बदल दें, पुराने मास्क को किसी बंद ढक्कन वाले कूड़ेदान में फेंक। कमरे की साफ-सफाई करने से पहले हाथों में दस्ताने पहनें। जब दस्ताने उतारें तब हाथों को अच्छे से धोएं और सैनेटाइज करें। होम क्वॉरेंटाइन व्यक्ति की देखभाल घर का कोई एक सदस्य ही करे, यह व्यक्ति क्वॉरेंटाइन व्यक्ति की त्वचा से सीधे संपर्क से परहेज करें। बाहरी लोगों और मेहमानों को घर में न बुलाएं। कम से कम 14 दिनों तक तो ऐसा करें ही जब तक कि रिपोर्ट नेगेटिव न आ जाए।

आइसोलेशन और क्वॉरेंटाइन में अंतर —

आइसोलेशन उस व्यक्ति को किया जाता है जो कोरोना वायरस संक्रमित हो जाता है और उसके संक्रमण होने की पुष्टि डॉक्टर द्वारा कर ली जाती है। आइसोलेशन के दौरान उन्हें पूरी तरह की सुविधा दी जाती है उनका ख्याल रखा जाता है और साथ ही उन्हें सभी प्रकार की दवाइयां देकर स्वस्थ करने की प्रक्रिया 14 दिन तक अपनाई जाती है। आइसोलेशन वार्ड घर से दूर किसी एकांत स्थान पर होते हैं।

कोरोना के लक्षणों पर क्या करें —

यदि आपको कोरोना वायरस के कुछ लक्षण खांसी, बुखार, सांस में तकलीफ़ दिखाई देते हैं तो चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग- 1800-180-5145 , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय – 91 11-23978046, टोल फ्री नम्बर-1075 अथवा हेल्थ सेंटर 011-23978046 पर फोन कर जानकारी कर सकते हैं।

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