उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के 1,955 मामले सक्रिय, अब तक 123 लोगों की मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस समय कोविड—19 के 1,955 सक्रिय मामले हैं और इस महामारी से अब तक 123 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं । प्रमुख सचिव :चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ”सक्रिय मामलों की संख्या 1,955 मामले है । कुल 2,918 लोग ठीक होकर अस्पतालों से घर जा चुके हैं । विगत 24 घंटे में संक्रमण के 269 प्रकरण सामने आए और अब तक इस संक्रमण से 123 लोगों की मौत हो चुकी है । प्रदेश में अब तक संक्रमण के कुल 4,996 मामले सामने आए हैं ।”

उन्होंने बताया कि किसी संक्रमित के संपर्क में आए या निगरानी में संदिग्ध पाए गए 12, 427 लोगों को पृथक-वास केन्द्रों पर रखा गया है । प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को पहली बार नमूना जांच का आंकड़ा सात हजार को पार कर गया और कुल 7,179 नमूनों की जांच की गयी । कुल 558 पूल जांच के लिए लगाए गए और इनमें से 65 लोग संक्रमित निकले । उन्होंने बताया कि हॉटस्पाट और अन्य क्षेत्रों में लगातार सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है । कुल 67 लाख 64 हजार 24 घरों में तीन करोड़ 38 लाख 77 हजार से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया गया है ।

प्रमुख सचिव ने कहा कि आरोग्य सेतु एप का लगातार उपयोग किया जा रहा है और जो अलर्ट प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें जिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है । इसके अलावा जिन्हें अलर्ट आता है, ऐसे 23, 780 लोगों को स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष से फोन किया गया है । इनमें से 71 लोगों ने बताया कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं । उनका इलाज विभिन्न चिकित्सालयों में चल रहा है । कुल 41 लोगों ने बताया कि वे ठीक हो चुके हैं और 326 इस समय पृथक-वास केन्द्रों में हैं ।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से प्रवासी कामगार भारी संख्या में प्रदेश में लौट रहे हैं । उनमें संक्रमण के मामले काफी देखने को मिल रहे हैं । तमाम जनपदों में जांच में पाया जा रहा है कि सामान्य आबादी में प्रवासी कामगारों में काफी मामले पाए जा रहे हैं । ऐसे में आवश्यक है कि प्रवासी कामगार घर पर पृथक-वास का सख्ती से पालन करें ।

प्रसाद ने बताया कि अब तक आशा कार्यकर्ताओं ने पांच लाख 36 हजार 223 प्रवासी कामगारों का सर्वेक्षण किया, जिनमें से 629 लोग कोरोना संक्रमण के किसी न किसी लक्षण वाले मिले । उनके नमूने लेकर जांच करायी जा रही है । उन्होंने कहा कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों का दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि अगर प्रवासी कामगारों को घर पर पृथक-वास में रखा गया है तो वे उसका सख्ती से पालन करें ।

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