बड़ी खबर:CM गहलोत ने की विधायक दल की बैठक, भाजपा की फ्लोर टेस्ट की मांग

नई दिलवाली राजसथान में विधायकों की परेड के साथ ही मामला ख्रेडम नहीं हुआ। पिक्टचर अभी बाकी है। अब भारतीय जनता पार्टी ने पासा फेंका है। सोमवार को सीएम आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई जिसमें कुल 107 विधायक मौजूद थे। न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सचिन पायलट सहित 20 कांग्रेस विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद, बीजेपी को कुछ उम्मी दिखाई दिखाई दे रही है। पार्टी ने मुख्यमंत्री नवीन अशोक गहलोत से विधानसभा में बहुमत साबित करने की डिमांड की है। बीपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने कहा, “अशोक गहलोत को फौरन बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट देना चाहिए। अगर वे अपने विधायकों को रिजॉर्ट ले जा रहे हैं तो साफ है कि उनके पास नंबरों नहीं हैं और वह सिर्फ अटल सती को टालने की कोशिश कर रहे हैं।)

पायलट ने भी गेहलोत को दी चुनौती
सचिन पायलट के करीबी स्रोतों के हवाले से न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने कहा, “अशोक गेहलोत सरकार के पास वो संख्‍या-बल नहीं है जिनके वो दावा कर रहे हैं। सीएम के बैक गार्डन बहुमत साबित करने की जगह नहीं। है, वह विधानसभा में होता है। अगर उन्होंने कहा जो दावा किया है, उतने विधायक उनके पास हैं तो गिनती रोकें नहीं रखेंगे, उन्हें गवर्नमेंट के पास ले जाने के बजाय होटल में ले जा रहे हैं? “

बीजेपी को प्रतिबंध लग रहे हैं उम्मी
वर्तमान में गेहलोत के समर्थन वाले विधायक होटल में हैं। जबकि पायलट के करीबी ग्रामगांव में ठहरे हैं। हालांकि गेहलोत खेमे के कुछ विधायकों की नजर राजभवन पर भी टिकी होगी जो विधानसभा में बहुमत परीक्षण की मांग मान ले तो खेल बदल सकता है। पायलट जितने विधायकों को तोड़ने में कामयाब रहे, बीजेपी के लिए भी मुफीद है।

बीजेपी के पास संख्या बल और पश्चिमी का
मठ दर्जा की 200 सदस्यीय विधानसभा में अभी बीजेपी के पास 75 विधायक हैं। इनमें 72 बीजेपी और 3 सहयोगी ग्रुप आरएलपी से हैं। अब यदि सचिन पायलट के समर्थक विधायकों की संख्या अगर 20 मान ली जाए और वो इस्तीफे देते हैं तो सदन में विधायकों की कुल संख्या 180 रह जाएगी। यानी बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 91 विधायकों का समर्थन चाहिए।

रेज में सियासी संकट के बीच छापे का ‘खेल’
राजस्थान में सियासी जंग तेज हो गया है। सरकार बचाने के लिए कांग्रेस खेमे में मंथन जारी है। वहीं, डिप्टी सीएम सचिन पायलट दिल्ली में कैंप किए गए हैं। इसी तरह सीएम अशोक गेहलोत के करीबियों के घर शिशु विभाग की छापेमारी चल रही है। कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई बदले की भावना से हो रही है।

इधर प्रियंका की एंट्री, उधर बीजेपी का दांव
बीजेपी ने फ्लोर टेस्ट की मांग ऐसे व सतर्क में उठाई है जब सचिन पायलट के रुख में नरमी देखी जा रही है। प्रियंका गांधी ने गेहलोत और पश्चिमी से बात की है। इसी के बाद पश्चिमी ने कुछ समीकरण सामने रखे हैं। कांग्रेस की तरफ से जयपुर भेजे गए सुरजेवाला ने भी कहा कि ‘कांग्रेस के दरवाजे पहले भी खुले थे, अब बहुत खुले हैं और आगे भी खुले रहेंगे।’

loading...