आखिर क्यूं बेचना पड़ा रिलायंस को कारोबार? फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक ने बताई यह बड़ी वजह

नई दिल्ली। फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक किशोर बियानी ने कहा कि रिटेल स्टोर बंद होने के कारण कोरोना महामारी ्केर पहले तीन-चार महीनों में लगभग 7,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, जिसके कारण उन्हें अपना कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचना पड़ा। उन्होंने कहा कि 7000 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ सरवाइव करना आसान नहीं था क्योंकि कर्ज पर ब्याज और किराया बंद नहीं होता। अभी हाल में ही फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी  ने खरीदा है।

रिलायंस ने अगस्त में फ्यूचर ग्रुप का रिटेल, होलसेल लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस बिजनेस 24,713 करोड़ में खरीदा। फिगनीटेल रिटेल कन्वेंशन में शॉपर स्टॉप के चेयरमैन और नॉन एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर बी एस नागेश को किशोर बियानी ने बताया कि ग्रुप ने बीते 6 से सात सालों में कई छोटे स्टोर्स का अधिग्रहण किया। बियानी ने कहा कि सभी चीजें एकसाथ कोविड के साथ मिलकर सामने आने लगी और मुझे लगा कि इसका कोई जवाब नहीं है और अब इससे बाहर निकलने के अलावा कोई रास्ता नहीं। किशोर बियानी ने कहा कि खुदरा विक्रेताओं के लिए अभी तक की यह सबसे खराब स्थिति है।

रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील
अगस्त के अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने घोषणा की थी कि उसकी सहायक कंपनी रिलायंस रीटेल वेंचर्स (RRVL) किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप के रीटेल और होलसेल कारोबार, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस कारोबार का अधिग्रहण कर रही है। ये सौदा करीब 24,713 करोड़ रुपये में हुआ।

अमेजन ने हाल में भेजा था नोटिस
रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप की डील में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। अमेरिकन ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने किशोर बियानी के नेतृत्व वाले फ्यूचर ग्रुप के प्रमोटरों को कानूनी नोटिस भेजा था। अमेजन का कहना है कि फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस के साथ डील में एक नॉन-कंप्लीट कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया। कंपनी का कहना था कि फ्यूचर ग्रुप बिना अमेजन की इजाजत के रिलायंस के साथ अनुबंध नहीं कर सकती।

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