जिलाधिकारी ने 6 चरणो में हाथ धुलकर किया हैंड वाशिंग डे का शुभारम्भ

बाराबंकी। वैश्विक स्तर पर हाथ की स्वच्छता को लेकर ग्लोबल हैंडवाशिंग डे मनाया जाता है। इसके पीछे की मान्यता है कि हाथों को स्वच्छ बनाए रखने से गंदगी से होने वाली बीमारी जैसे डायरिया, आंख और त्वचा सम्बन्धी बीमारियों से बचाव होगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा आदर्श सिंह 6 चरणो में हाथ धोकर सीएमओ कार्यलय से कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने कहा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इन प्रभावी तरीका ठीक तरह से हाथ धोना है जिससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक काम हो जाता है।

जिलाधिकारी डा सिंह ने कहा कि हमारे हाथों में न जाने कितनी अनदेखी गंदगी छिपी होती है, जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने और कई तरह के रोजमर्रा के कामों के कारण होती है। यह गंदगी बगैर हाथ धोए कुछ भी खाने- पीने से आपके शरीर में पहुंच जाती है और कई तरह की बीमारियों को जन्म देती है। हाथ धोने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए वैश्विक स्तर पर हर साल 15 अक्टूबर को हैंड वॉशिंग दिवस मनाया जाता है। इस दिन की स्थापना वर्ष 2008 में ग्लोबल हैंड वाशिंग पार्टनरशिप द्वारा की गयी जिसका प्रयास साबुन से हाथ धोने के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीएस चौहान ने कहा कि हाथ की स्वच्छता हमारे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है क्योंकि सिर्फ साबुन से अच्छी तरह हाथ धुल लेने से ही कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है, रोगाणु कई माध्यमों के जरिये से हमारे शरीर में फैलते हैं। उनमें से एक हमारे हाथ भी बीमारी का एक बड़ा जरिया हैं जिसकी वजह से सबसे ज्यादा बच्चों में संक्रमण व गंभीर बीमारियों जैसे डायरिया, वायरल संक्रमण आदि का खतरा बना रहता है। हम लोग दिनभर में कई प्रकार की चीजों को छूते हैं। साथ ही भोजन भी हाथ से ही करते हैं। इन्हीं  हाथों से हम अपने मुंह को भी छूते हैं। इसलिये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी यह संक्रमण फैलने का सबसे आसान तरीका बन जाता है। संक्रमण से बचाव का सही तरीका 6 चरणों में ठीक तरह से हाथ धोना ही एक अच्छी पहल रहेगी।

सीएमओ बताते है कि कोरोना संक्रमण के बाद काफी हद तक हाथ की स्वच्छता बनाये रखना हमारे व्यवहार में आया है। सही तरह से हाथ धुलने से हम दस्त, टाइफाइड, पेट संबंधी रोग, आंख में होने वाले संक्रमण, त्वचा संबंधी रोग आदि से बच सकते हैं। हाथ धुलने का सही तरीका दो मिनट तक साबुन से छह चरणों में हाथ धोना चाहिए। इसमें सबसे पहले सीधे हाथ पर साबुन लगाकर रगड़ना, उसके बाद उल्टे हाथ, इसके बाद नाखून, फिर अंगूठा, उसके बाद मुट्ठी तथा अंत में कलाई धोनी चाहिए। इस तरह से अगर हम अपने हाथों को धोयेंगे तो निश्चित रूप से 90 प्रतिशत तक बीमारियों से बच सकते हैं। यह संक्रमण से बचाव का बहुत छोटा मगर प्रभावी कदम है ।

हाथ धोना कब-कब है जरूरी :

शौच के बाद, खाना बनाने व खाने से पहले, मुंह, नाक व आंखों को छूने के बाद, खांसने व छींकने के बाद, घर की साफ-सफाई करने के बाद, किसी बीमार व्यक्ति से मिलकर आने के बाद व पालतू जानवरों से खेलने के बाद।

कार्यक्रम के मौके पर एसीएमओ डा डीके श्रीवास्त्व, डिप्टी सीएमओ डा राजीव सिंह, एसीएमओ प्रतिनिधि यूनिसेफ नितिन खन्ना समेंत स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहें।

loading...