राष्ट्रपति चुनाव को दलित की लड़ाई के तौर पर देखना गलत: मीरा कुमार

राष्ट्रपति चुनाव को दलित की लड़ाई के तौर पर देखना गलत: मीरा कुमार
हैदराबाद। राष्ट्रपति चुनाव में वैचारिक लड़ाई लडऩे की बात करते हुए विपक्षी प्रत्याशी मीरा कुमार ने कहा कि चुनाव को ‘दलित बनाम दलित’ के बीच लड़ाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिये।

कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि यह 2017 है, जिसमें हम रह रहे हैं। सर्वाेच्च पद के लिए अगर हम अब भी दलित बनाम दलित की चर्चा कर रहे हैं, तो हमें अपने भीतर झांकना चाहिए और इस बात का फैसला करना चाहिये कि हमारी किस तरह की सोच है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि चुनाव को शुरूआत में 2 दलित प्रत्याशियों के बीच लड़ाई के तौर पर पेश किया गया। प्रचार अभियान शुरू होने के बाद से उसमें बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि इससे मतलब नहीं है कि हमने कितनी प्रगति की है, लेकिन मुद्दा है कि दलितों का हम कितना सम्मान करते हैं।

देश में डर का वातावरण हो समाप्त

देश में गो हत्या या गोमांस खाने के संदेह में लोगों की पीटपीटकर हत्या किये जाने की हालिया घटनाओं पर खेद प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि देश में डर का वातावरण अवश्य समाप्त होना चाहिये।

कुमार ने कहा कि उन्होंने सभी मतदाताओं को पत्र लिखा है और उनसे अपनी अंतरात्मा के अनुसार मतदान करने को कहा है। सत्तारूढ़ टीआरएस ने राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को समर्थन देने की घोषणा की है।

अपने प्रचार अभियान के तहत कुमार ने तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी के विधायकों और सांसदों और वाम दलों के नेताओं से मुलाकात की।

 

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