उत्तर कोरिया से डरे अमरीका और जापान, पहुंचे UNSC

सोल। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि अंतरमहाद्वीपीय मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण अमरीकन बास्टर्डस को उनके स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिया गया एक तोहफा है।

अमरीका को गाली देने से भी नहीं चूके किम जोंग

प्योंगयांग की आधिकारिक समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार,मिसाइल की सफल लॉन्चिंग के बाद उन्‍होंने अपने अधिकारियों और वैज्ञानिकों को जहां बधाई दी वहीं वह अमरीका को गाली देने से भी नहीं चूके।

किम ने कहा कि अमरीकन बास्टर्डस चार जुलाई को उनके स्वतंत्रता दिवस पर भेजे गए इस तोहफे से ज्यादा खुश नहीं होंगे। हमें उनकी उदासी दूर करने के लिए बीच-बीच में तोहफे भेजते रहना चाहिए।

वहीं आज संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में इसको लेकर आपात बैठक बुलाई गई है। यह बैठक बंदर कमरे में होगी जिसमें परिषद के सभी 15 सदस्य शामिल होंगे।

अमरीका ने माना खतरा
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन ने इसे अमरीका और दुनिया के लिए एक नया खतरा बताया है। उनका कहना है कि अमरीका कभी उत्‍तर कोरिया को न्‍यूक्लियर पावर के रूप में स्‍वीकार नहीं करेगा। उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट की खबर आने के कुछ ही घंटे बाद अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग कर डाली थी।

अमरीका ने इस मिसाइल टेस्टिंग के बाद इसकी पुष्टि भी की है और इस मिसाइल टेस्टिंग से अमरीका का डर भी सामने आ गया है। दरअसल, अमरीका का मानना है कि उत्‍तर कोरिया इस मिसाइल से अमरीका के अलास्‍का तक हमला कर सकता है। इस मिसाइल टेस्टिंग से सिर्फ अमरीका ही नहीं बल्कि जापान भी डरा हुआ नजर आने लगा है।

यह मिसाइल जापान और कोरियाई द्वीप के बीच में गिरी है। जापान ने इस परीक्षण के तुरंत बाद कहा कि वह अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है और इसके लिए वह सभी कदम उठाएगा। जापान ने इसके बाद दक्षिण कोरिया, चीन और अमरीका से मिलकर एक आपात बैठक बुलाने को भी कहा है।

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