अयोध्या में जल्द बनेगा राम मंदिर, यहां पहुंची पत्थरों की खेप

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण में प्रयोग होने वाले कच्चे पत्थरों का खेप राजस्थान से रामसेवकपुरम् पहुँच गयी है।

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने आज यहां बताया कि अयोध्या में स्थित विवादित श्री राम जन्मभूमि पर राजस्थान के भरतपुर से तीन ट्रक पत्थर अयोध्या में पहुँच गये हैं।

इन पत्थरों को रामसेवकपुरम् में उतारा गया है। इन पत्थरों को कटर के द्वारा काट करके अलग किया जायेगा और फिर तराशा जायेगा। लगभग पन्द्रह सौ घनफुट पत्थर आये हैं।

उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में बड़े-बड़े पत्थरों के काटने की मशीन लगी है जिसके माध्यम से पत्थर काटा जाता है और उसे फिर श्रीरामजन्मभूमि न्यास के कार्यशाला में तराशने के लिये भेजा जाता है।

प्रस्तावित राम मंदिर मॉडल के अनुसार मंदिर निर्माण के लिये करीब एक लाख पचहत्तर हजार घनफुट पत्थर की आवश्यकता है जिसमें से एक लाख घन फुट पत्थरों को तराशा जा चुका है।

एक प्रश्न के उत्तर में शर्मा ने कहा कि सितंबर 1990 में स्थापित श्रीरामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में नब्बे कारीगरों द्वारा पत्थरों की तराशी की जा रही थी जिनकी तादाद घटकर मात्र तीन में सिमट गयी है।

पत्थरों का राजस्थान से न आना ही कारीगरों की संख्या घटने का कारण है। खदान से पत्थर न निकलना और पिछली अखिलेश सरकार द्वारा पत्थरों के आने पर रोक लगाना भी कारण बना रहा। अब अनुकूल परिस्थितियाँ हैं इसलिये पत्थरों का आना भी नियमित शुरू हो गया है।

शर्मा ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि न्यास के सदस्य और पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया जायेगा कि तराशे जा रहे पत्थरों के कारीगरों की संख्या बढ़ायी जाय या नहीं। राम मंदिर निर्माण के लिये 67 प्रतिशत पत्थर तराशे जा चुके हैं। अब केवल 33 प्रतिशत ही पत्थर तराशने हैं।

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