शनि कर रहे हैं महापरिवर्तन, शनि दशा वाली राशियां न करें ये काम!

नवग्रह व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समय-समय पर ये अपना घर परिवर्तित करते रहते हैं। ज्यादातर ग्रह एक राशि में अधिकतर एक वर्ष तक वास करते हैं। शनि एकमात्र ऐसे ग्रह हैं जो हर एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक वास करते हैं तत्पश्चात अपना घर बदलते हैं। इनका किसी अन्य राशि में जाना महापरिवर्तन कहलाता है।

26 अक्तूबर को दोपहर लगभग 3 बजे शनि पूरी तरह से धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे और जनवरी 2020 तक गोचर करेंगे। 12 राशियों के राशि चक्र को पूर्ण करने के लिए शनि को तीस वर्ष लगते हैं। ज्योतिष विद्वान मानते हैं, शनि जब-जब राशि परिवर्तन करते हैं, तब-तब एक बड़ी घटना को अंजाम मिलता है। अन्य राशियों पर चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या से भी व्यक्ति का जीवन प्रभावित होता है।

ज्योतिष के ग्रंथ लाल किताब में वर्णित है कि यदि शनि किसी जातक की कुण्डली में अनुकूल है तो यह अवश्य नहीं है की वह आप पर सकारात्मक प्रभाव ही देंगे आैर प्रतिकूल होने पर यह अवश्य नहीं है की वह आपको दुख ही देंगे। शनि कृपा का फल किए गए कर्मों द्वारा ही प्राप्त होता है। लाल किताब के अनुसार अगर कुण्डली में शनि शुभ फल प्रदान कर रहा है तो तीन ऐसे काम हैं जिनसे शनि नाराज हो जाते हैं और सजा देते हैं।

शनि दशा वाली राशियां ना करें ये तीन काम

पहला काम- यदि आप किसी से शारीरिक श्रम या मेहनतकश काम लेते हैं तो उसे उसका पूरा पारिश्रमिक दें। लोभ में आकर मजदूर पर शारीरिक या मानसिक अत्याचार न करें।

दूसरा काम- आपका कोई मित्र अथवा रिश्तेदार आपको लोहे अथवा चमड़े से निर्मित कोई वस्तु उपहार स्वरूप दे तो उसे स्वीकार न करें। किसी विशेष परिस्थिति में उपहार को स्वीकार करना ही पड़े तो उसका कुछ दाम अवश्य चुकाएं।

तीसरा काम- शनि दशा चल रही हो तो मांस और मदिरा ग्रहण न करें।

 

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