जल्द ही भगवा रंग में रंगा दिखाई देगा UP का सचिवालय!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार में ‘भगवा’ जल्द ही सरकारी रंग के तौर पर लोगों को दिखने लगेगा। मुख्यमंत्री सचिवालय को भगवा रंग से पेंट किया जा रहा है। इससे पहले सचिवालय की कुर्सियां भी भगवा रंग से रंगी गयी थीं। मुख्यमंत्री आवास में भी हर फर्नीचर भगवा रंग का है। यहां तक तौलिया और सोफे के कवर भी भगवा रंग में रंगे हुये हैं।

गत 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने भगवा रंग की बसें सड़कों पर उतारी थी। इन बसों को दीनदयाल उपाध्याय का नाम दिया गया था। भगवा रंग की इन 50 बसों को ‘संकल्प सेवा’ कहा गया। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने इन बसों को उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिये उतारा था जहां परिवहन की सुविधा काफी कमजोर है।

अब लाल बहादुर शास्त्री भवन अथवा मुख्यमंत्री सचिवालय जल्द ही भगवा रंग में दिखेगा। सचिवालय की बाहरी दीवारों को भगवा और अन्य रंगों के साथ पोता जा रहा है। हालांकि अधिकारियों को यह विशेष नहीं लगता। उनका कहना है कि यह रंग आकर्षक है, इसलिये इसका चुनाव किया गया।

योगी के सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को भगवा रंग के बस्ते वितरित करने का आदेश दिया। इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के कार्यकाल में बच्चों को हरे और लाल रंग के बस्ते दिये गये थे। बस्तों में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव की तस्वीर छपी थी।

सरकार के 100 दिन पूरा होने के मौके पर राज्य सूचना विभाग ने भगवा रंग की बुकलेट जारी की थी। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा जारी हर प्रकाशन का रंग भगवा ही रहा। हालांकि उत्तर प्रदेश की राजनीति में रंग की यह परंपरा नई नहीं है। इससे पहले 1995 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की हर जनसभा में लगाये गये पांडाल का रंग नीला होता था। उनके सरकारी प्रकाशन यहां तक की सूचना विभाग की डायरी का रंग भी नीला था।

loading...