राजनाथ का दावा, मोदी सरकार की नीयत पर कोई नहीं उठा सकता सवाल

लखनऊ : केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज पर विवाद हो सकता है, लेकिन कोई भी उसकी नीयत पर सवाल नहीं उठा सकता। सिंह ने यहां विभिन्न विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मौके पर कहा कि इस समय देश में हमारी सरकार किस तरह काम कर रही है, यह बताने की जरूरत नहीं है। काम अधिक हुआ, कम हुआ, इस पर विवाद हो सकता है लेकिन हमारी सरकार की नीयत और ईमान पर कोई भी सवालिया निशान नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘चार वर्ष बाद भी हमारे किसी भी मंत्री पर एक पैसे का भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने का कोई दुस्साहस नहीं कर पाया है। सारे विश्व के अर्थशास्त्री इसे मानने लगे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। इस वक्त जीडीपी की विकास दर 7.5 फीसद है। अन्तरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों ने विश्वास व्यक्त कया है कि आगामी कुछ वर्षों में जीडीपी की विकास दर 10 फीसद तक भी पहुंच सकती है।’’

सिंह ने कहा कि देश में नयी रेलवे लाइन बिछाने का काम चार गुना तेजी से चल रहा है। वर्ष 2022 तक सभी रेलगाड़ियों को बिजली से चलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। लखनऊ से सांसद सिंह ने बताया कि 1910 करोड़ रुपये की लागत से गोमतीनगर रेलवे टर्मिनस के विश्व स्तरीय स्टेशन के रूप में पुनर्विकास की परियोजना स्वीकृत हो गयी है। इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी होने के साथ-साथ परियोजना को शिलान्यास भी आज हो गया। इसके अलावा 1800 करोड़ रूपये की लागत से उत्तर रेलवे के चारबाग स्टेशन के पुनर्विकास की वृहद परियोजना का बजट स्वीकृत हो चुका है। सिंह ने बताया कि आलमनगर रेलवे स्टेशन को सेटेलाइट रेलवे स्टेशन घोषित किया गया है। यात्री सुविधाओं के लिये 26 करोड़ का बजट है।

लखनऊ जंक्शन के ओवरब्रिज और दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के बीच ‘स्काई वाक’ और उतरेठिया रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज का लोकार्पण हुआ है। उन्होंने बताया कि एनबीसीसी के चेयरमैन ए. के. मित्तल को यह सारा काम कराना है। मालूम हो कि एनबीसीसी स्मार्ट डेवलपमेंट की तर्ज पर गोमतीनगर तथा चारबाग रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करेगा। कम्पनी के चेयरमैन मित्तल ने बताया कि रेल को यात्रा का पसंदीदा विकल्प बनाने के लिये सरकार के मकसद के तहत रेलवे स्टेशन का विस्तार, आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। गोमतीनगर और चारबाग रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के तहत पहले चरण की लागत क्रमशः 374 करोड़ रुपये और 1206 करोड़ रुपये है।

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