सुरक्षाबलों से सीधे मुकाबला करने में नक्सली सक्षम नहीं

गृहमंत्री बोले, देश से जल्द खत्म हो जाएगी नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि देश में नक्सलवाद की ‘ गंभीर’ चुनौती अब खत्म होने के कगार पर पहुंच गयी है और माओवादी सुरक्षाबलों के खिलाफ कायराना हमलों का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि वे सीधे-सीधे मुकाबला करने में सक्षम नहीं रहे हैं। देश में नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व करने वाले बल सीआरपीएफ के 79वें स्थापना दिवस पर इसके जवानों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि इन बलों के नक्सलियों के खिलाफ अभियानों के चलते हाल के दिनों में माओवादियों की घटनाओं में जबरदस्त कमी आयी है और नक्सलियों के हताहत होने की संख्या में इजाफा हुआ है।

बल के अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हतोत्साहित नक्सली अब सुरक्षा बलों के साथ आमने-सामने की लड़ाई लड़ने में सक्षम नहीं रहे और इसलिए अपनी सीमित क्षमताओं के साथ वे घात लगाकर और कायराना हमलों का सहारा ले रहे हैं। अपने भाषण के दौरान मंत्री ने इस महीने के शुरू में छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुए बल के नौ जवानों को श्रद्धांजलि दी। जवानों की माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल नक्सलियों के बिछाये बारूदी सुरंग की चपेट में आ गयी थी, जिसमें विस्फोट होने से ये जवान शहीद हो गये।

उन्होंने कहा,  माओवाद अब गंभीर चुनौती बन गया है लेकिन इन बहादुर जवानों और सीआरपीएफ एवं अन्य बलों की दृढ़ कार्रवाई के चलते इन घटनाओं में अब जबरदस्त कमी आयी है।’’ यहां कादरपुर में सीआरपीएफ के ऑफिसर्स एकेडमी के परेड मैदान में उन्होंने कहा, ‘‘ इससे पहले सुरक्षा बलों एवं नागरिकों के बीच हताहतों की संख्या अधिक होती थी, लेकिन अब यह उलटा हो गया है और माओवादियों के हताहत होने की दर बढ़ी है।’’

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