JDU हुआ तेजस्वी के मुद्दे पर आक्रामक, राजद ने साधी चुप्पी

पटना। बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के इस्तीफे को लेकर सत्तारूढ़ महागठबंधन में जारी विवाद के बीच आज मुख्य घटक जदयू ने उप मुख्यमंत्री को गूंगा, बहरा और मोटी चमड़ी वाला तक कह दिया।

जदयू के प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर कहा कि भ्रष्टाचार के जिन पर आरोप लगे हैं उनको पूरे तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है, जिनको जवाब देना है वो चुप हैं। लगता है जैसे कान में रूई डाल कर बैठे हैं, या गूंगे हो गए हैं या चमड़ी मोटी हो गई है। डॉ. आलोक ने कहा कि पार्टी इस मामले में ज्यादा दिनों तक सब्र नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के साथ समझौता करके वर्ष 2019 में विपक्षी एकजुटता की बात करना बेमानी है। वहीं, जदयू के एक अन्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की जो नीति पार्टी की है, उससे पीछे नहीं हट सकते। जिन पर आरोप लगे हैं उनको जनता के सामने आकर पूरे तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तो करनी ही होगी। सिंह ने कहा कि जहां तक महागठबंधन का सवाल है तो इसे चलाने की जिम्मेदारी इसमें शामिल तीनों दलों की संयुक्त रूप से है, अकेले जदयू की नहीं।

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता और पूरा देश इस बात को जानता है कि अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में जदयू की परपरा क्या रही है। पार्टी की परंपरा और सिद्धांत से कोई समझौता नहीं होगा।

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक कुर्बानियों की बुनियाद पर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने का जदयू का रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी पॉलिटिक्स विद डिफरेन्स के लिए जानी जाती है। हमने भ्रष्टाचार का मामला उठाया है। राजद को जवाब तो देना ही पड़ेगा।

उधर राजद के नेताओं ने जदयू के प्रवक्ताओं के बयान पर कुछ भी कहने से इंकार किया। गौरतलब है कि राजद प्रमुख ने पार्टी के सभी प्रवक्ताओं और नेताओं को मीडिया के समक्ष कुछ भी कहने से मना किया है।

 

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