CJ I दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग, विपक्ष ने उपराष्ट्रपति को सौंपा नोटिस!

नई दिल्ली । विपक्षी पार्टियां एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ लामबंद हो रही हैं। विपक्ष ने दीपक मिश्रा को हटाने के लिये महाभियोग प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। आज शुक्रवार 20 अप्रैल को हुई बैठक में इसपर निर्णय लिया गया।

ख़बरों के मुताबिक 7 विपक्षी पार्टियों के 60 राज्यसभा सांसदों ने महाभियोग नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्षी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू को महाभियोग नोटिस सौंप दिया है। वाम दल, राकांपा और कांग्रेस सीजेआई को हटाने के लिये प्रस्ताव पेश करने पर सहमत हैं, वहीं इस बारे में याचिका पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ राजनैतिक दलों ने अपने कदम पीछे खींच लिये हैं, हालांकि इनसे भी बात चल रही है।

टीएमके और डीएमके ने महाभियोग नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए। सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ जिन पार्टियों ने साइन किए हैं उनमें कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), मुस्लिम लीग, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं,

बता दें, जस्टिस लोया की मौत की नए सिरे से जांच कराने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसी जनहित याचिकाएं कोर्ट का समय बर्बाद करती हैं। फैसला देने वालों में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा भी शामिल थे।

इस फैसले से निराश होकर कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि यह इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दिन है। इस फैसले के बाद भी जस्टिस लोया की मौत से जुड़े बहुत सारे सवालों का जवाब नहीं मिला।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने का विपक्ष का प्रस्ताव नया नहीं है। पिछले कई महीनों से विपक्षी नेता इसको लेकर माथापच्ची कर रहे हैं। बजट सत्र के दौरान कई पार्टी के विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर करीब 60 से अधिक सांसदों के दस्तखत भी जुटाए थे, लेकिन उसके बाद फिर से यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था।

दरअसल विपक्षी पार्टियां जस्टिस दीपक मिश्रा को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाना तो चाहती हैं। लेकिन यह तय नहीं हो पा रहा है कि इसकी अगुवाई कौन सी पार्टी करे। कांग्रेस पार्टी के भीतर ही इस बात को लेकर मतभेद हैं कि चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाना ठीक रहेगा या नहीं। लेकिन गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल जैसे नेता लगातार इस बात की पैरवी करते रहे हैं।

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